फेफड़े हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक हैं। श्वसन क्रिया को सुचारू रूप से जारी रखने और शरीर के अंगों तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचाने में फेफड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। फेफड़े, शरीर में ताजा ऑक्सीजन लाते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य अपशिष्ट गैसों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करते हैं, ऐसे में इस अंग में होने वाली किसी भी तरह की समस्या काफी गंभीर और घातक हो सकती है।
World Lung Cancer Day: इस गंभीर बीमारी के शुरुआती संकेतों को न करें नजरअंदाज, जानिए कैसे रहें इससे सुरक्षित?
फेफड़ों के कैंसर के क्या कारण हैं?
मेडिकल रिपोर्ट्स की मानें तो ज्यादातर फेफड़ों के कैंसर के लिए धूम्रपान को प्रमुख कारण माना जाता है। धूम्रपान करने वालों और सेकेंड हैंड धुएं के संपर्क में आने वाले लोगों में भी इसका खतरा अधिक होता है। डॉक्टरों का मानना है कि धूम्रपान, फेफड़ों को लाइन करने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाकर कैंसर का कारण बनता है। जब आप सिगरेट के धुएं को अंदर लेते हैं तो इसके कारण फेफड़े के ऊतकों में परिवर्तन होना शुरू हो जाता है। सिगरेट के धुंए में कैंसर पैदा करने वाले पदार्थ (कार्सिनोजेन्स) पाए जाते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं अगर शुरुआती लक्षणों पर समय रहते ध्यान दे दिया जाए तो फेफड़े के कैंसर को गंभीर रूप लेने से बचाया जा सकता है। यदि आपमें इस तरह की दो से अधिक समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो इस बारे में शीघ्रता से किसी चिकित्सक से संपर्क जरूर करें।
- लगातार बनी रहने वाली खांसी की समस्या।
- खांसी के साथ खून आना।
- सांस लेने में कठिनाई
- छाती में दर्द
- अक्सर आवाज बैठना।
- वजन कम होते जाना।
- हड्डी और सिरदर्द की समस्या बने रहना।
किन्हें होता है इसका अधिक खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कई कारक आपमें फेफड़ों के कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं। अपने जोखिम कारकों को समझते हुए सभी लोगों को इससे बचाव के उपाय करते रहना चाहिए। धूम्रपान के अलावा रसायनों के अधिक संपर्क में रहने वाले लोगों में भी इसका खतरा हो सकता है। जिन लोगों के परिवार में किसी को पहले से ही इस तरह की समस्या रह चुकी हो, ऐसे लोगों में भी फेफड़े के कैंसर के विकसित होने का जोखिम हो सकता है।
कैसे करें बचाव?
फेफड़ों के कैंसर से बचाव के लिए सबसे पहली शर्त है कि आप धूम्रपान तुरंत बंद कर दें। यदि आप रसायनों की फैक्ट्री में काम करते हैं तो मास्क और बचाव के सभी उपकरणों का निरंतर प्रयोग करें। इनडोर प्रदूषण से बचाव करना भी बहुत आवश्यक माना जाता है, इसके लगातार संपर्क में रहने के कारण फेफड़ों की कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। इसके अलावा फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए स्वस्थ और पौष्टिक भोजन के साथ सांस वाले अभ्यास रोजाना करते रहें।
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स्रोत और संदर्भ
Lung cancer is the leading cause of cancer deaths worldwide.
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