Medically Reviewed by Dr. Praveen Jha
डॉ प्रवीण झा, गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजी कन्सलटेन्ट,
रीजेंसी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ
डिग्री- एमडी, डीएम
अनुभव- 12 वर्ष
शरीर में बहुत ज्यादा फैट का जमा हो जाना शरीर के लिए अच्छा नहीं होता है और यह आपके लीवर के लिए भी अच्छा नही होता है क्योंकि जब बहुत ज्यादा फैट आपके लीवर पर बनने लगता है तो आपको अक्सर फैटी लीवर की समस्याएं होती है। लीवर को फैटी लीवर तब कहा जाता है कि इसमें 5 प्रतिशत से ज्यादा फैट हो जाता है। बहुत ज्यादा शराब पीने से लीवर में फैट की मात्रा बढ़ती है। अभी भी ऐसे कई फैटी लीवर बीमारी के केसेस है जिसमे शराब का सेवन इस बीमारी के होने का कारण नहीं है। फैटी लीवर की कई कंडीशन नॉन-अल्कोहल लीवर बीमारी (एनएएफएलडी) की व्यापक श्रेणी में आती है, यह भारत में वयस्कों और बच्चों में लीवर की सबसे ज्यादा होने वाली बीमारियों में से एक है। अगली स्लाइड्स से जानिए किन तरीकों से इस समस्या से पाया जा सकता है छुटकारा।
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खुजली, हल्की चोट और थकावट आदि शामिल होती हैं
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नॉन अल्कोहोलिक फैटी लीवर डिजीज
एनएएफएलडी होने से इसका पता नहीं चल पाता है क्योंकि इसके लक्षण थकान, मूर्छा और कमजोरी आने की तरह होते हैं। आम तौर पर जब हम अक्सर इस लक्षण का अनुभव करते हैं, तो हमें लगता है कि यह एनएएफएलडी नहीं हो सकता हैं, हम इस बात पर जोर नहीं देते है। शराब से होने वाले फैटी लीवर का आम लक्षण मतली होता है। अगर बीमारी ने कोई एडवांस कॉम्प्लिकेशन पैदा कर दी है, तो आपको सिरोसिस के सभी संकेत और लक्षण दिख सकते हैं । इन लक्षणों में भूख में कमी, त्वचा का पीला पड़ना, खुजली, हल्की चोट और थकावट आदि शामिल होती हैं। समय बीतने के साथ एनएएफएलडी का इलाज़ न करने से हार्ट की बीमारी, डायबिटीज और किडनी की बीमारी सहित अन्य एनसीडी के अलावा नॉन-अल्कोहल स्टीटोहेपेटाइटिस (एनएएसएच) के रूप में गंभीर लीवर की परेशानी हो सकती है।
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लीवर में फैट का जमाव 27 प्रतिशत बढ़ जाएगा
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फैटी लीवर से छुटकारा पाने के लिए डाइट संबंधी बदलाव
कार्ब्स का सेवन कम करें
कई रिसर्च के अनुसार केवल 16 प्रतिशत लीवर फैट आपके डाइट से मिलता है और इसका ज्यादातर हिस्सा ब्लड में फैटी एसिड से आता है। इसलिए यह जरूरी है कि हम अपने डाइट में बदलाव करें क्योंकि हमारे शरीर में अतिरिक्त कार्बोहाइड्रेट अक्सर फैट में परिवर्तित हो जाते हैं। फ्रुक्टोज युक्त खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों के सेवन से लीवर में फैट जमने लगता है। इसलिए अगर आप फलों वाली डाइट खा रहे हैं, तो संभावना है कि आपके शरीर का वजन 2 प्रतिशत बढ़ जाएगा, लेकिन आपके लीवर में फैट का जमाव 27 प्रतिशत बढ़ जाएगा।
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एवोकाडो से भरपूर डाइट का सेवन करें
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इन खाद्य पदार्थों को डाइट में करें शामिल
फैटी लीवर को कम करने के लिए जैतून का तेल, नट्स और एवोकाडो से भरपूर डाइट का सेवन करें। आप प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों को भी शामिल कर सकते हैं क्योंकि यह पाया गया है कि प्रोटीन लीवर के फैट को 20 प्रतिशत कम करता है। यहां तक कि ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन भी एनएएफएलडी से पीड़ित लोगों में लीवर के फैट और सूजन को कम करता है।
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फलों के जूस पीने की सलाह नहीं दी जाती है
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फलों के रस का न करें सेवन
गर्मियों में पानी की तुलना में फलों के जूस पीने का मन करता है लेकिन जब आप फैटी लीवर वाले मरीज होते हैं तो फलों के जूस पीने की सलाह नहीं दी जाती है। फलों का रस शरीर में फैट के जमाव को बढ़ा सकता है। पानी पिएं क्योंकि यह लीवर को अपने सेल्युलर सिस्टम के माध्यम से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है और उन्हें आपके शरीर से बाहर जाने के रास्ते पर गति प्रदान करता है।