हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। भारत सहित दुनिया के तमाम देशों में हर साल लाखों लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या का निदान किया जाता है। भारत के संदर्भ में बात करें तो विशेषज्ञ इस बढ़ते खतरे को लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की सलाह देते हैं।
World Hypertension Day 2022: ब्लड प्रेशर बढ़ने के लक्षण, कारण से लेकर बचाव तक, जानिए सबकुछ विस्तार से
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक धमनी की दीवारों के खिलाफ लंबे समय तक रक्त के बढ़े हुए दबाव की स्थिति को हाई ब्लड प्रेशर माना जाता है। आपका हृदय कितना रक्त पंप करता है और धमनियों में रक्त प्रवाह के प्रतिरोध की मात्रा कितनी है, इस आधार पर रक्तचाप के स्तर का निर्धारण किया जाता है। धमनियों का संकीर्णता जितनी अधिक होगी और जितना अधिक रक्त आपके हृदय द्वारा पंप किया जाता है, रक्तचाप उतना ही अधिक होता है। रक्तचाप के स्तर 120/80 मिमीएचजी को सामान्य माना जाता है।
- Pradhan Mantri Bhartiya Jan Aushadhi Pariyojana (@pmbjppmbi) 17 May 2022
ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण
ब्लड प्रेशर, क्यों बढ़ जाता है इस बारे में सभी लोगों को जानना आवश्यक है। उम्र, पारिवारिक इतिहास, जीवनशैली-खानपान में गड़बड़ी, मोटापा, सोडियम का अधिक सेवन और शराब-धूम्रपान जैसी आदतें मुख्यरूप से इसके प्रमुख कारण के तौर पर जानी जाती हैं।
कुछ लोगों में अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थितियों के कारण उच्च रक्तचाप हो सकता है। इसमें किडनी की बीमारियां, एडर्नल ग्लैंड ट्यूमर, रक्त वाहिकाओं में (जन्मजात) दोष, कुछ दवाओं के अधिक सेवन जैसी समस्याओं को भी जिम्मेदार माना जाता है।
हाई ब्लड प्रेशर की पहचान कैसे करें?
उच्च रक्तचाप वाले अधिकांश लोगों में शुरुआत में कोई भी संकेत नजर नहीं आते हैं, हालांकि रक्तचाप की रीडिंग बढ़ी हुई देखी जा सकती है। जबकि कुछ लोगों को रक्तचाप का स्तर बढ़ने की स्थिति में कई तरह की समस्याओं का अनुभव हो सकता है, जिसके बारे में ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है।
- अधिक पसीना आना।
- चिंता या तनाव की स्थिति बने रहना, बेचैनी महसूस होना।
- नींद की समस्या।
- चिड़चिड़ापन या चक्कर आना।
लंबे समय तक उच्च रक्तचाप के कारण एथेरोस्क्लेरोसिस की जटिलताएं बढ़ जाती है। इसमें रक्त वाहिकाओं की दीवारों पर प्लाक बनने लगते हैं जिससे धमनियों की संकीर्णता बढ़ जाती है।
हाई ब्लड प्रेशर का क्या इलाज है?
हाई ब्लड प्रेशर, जीवनभर बनी रहने वाली समस्या है। इसके इलाज के रूप में इसे कंट्रोल करने पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है। जीवनशैली में बदलाव से उच्च रक्तचाप को नियंत्रित और प्रबंधित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि जिन लोगों का रक्तचाप बहुत बढ़ा रहता है और सामान्य उपायों से कंट्रोल नहीं हो पाता है, उन्हें डॉक्टर्स दवाएं दे सकते हैं, जिससे हृदय रोगों के जोखिम से बचा जा सके।
ध्यान रहे, इन दवाओं को बिना डॉक्टर के सलाह के खुद से बंद न करें। इससे अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने और गंभीर स्थितियों में हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। दवाइयों के साथ, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने वाले उपायों पर विशेष ध्यान देना भी आवश्यक हो जाता है।