हृदय रोग वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती समस्या है जिसका शिकार सभी उम्र के लोग हो रहे हैं। युवा आबादी में भी ये दिक्कत बढ़ती देखी जा रही है। हालिया रिपोर्ट्स में बैठे-बैठे, जिम के दौरान हार्ट अटैक और इसके कारण मौत के कई मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण हृदय रोगों का खतरा बढ़ता जा रहा है जिसको लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
World Heart Day: युवाओं में बढ़ती हृदय की बीमारियों से बचाव के लिए डॉक्टर ने दिए पांच जरूरी टिप्स, आप भी जानिए
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
अमर उजाला से बातचीत में वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ एस.एन. तिवारी बताते हैं, हृदय को स्वस्थ रखने के लिए कम उम्र से ही प्रयास करते रहना जरूरी है। संभावित हृदय संबंधी समस्याओं का समय रहते पता लगाने के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच जरूर कराएं। इसके साथ आहार और दिनचर्या को ठीक रखने वाले उपाय करके कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर दोनों को कंट्रोल में रखें। कोलेस्ट्रॉल का बढ़ा हुआ स्तर धमनियों में प्लाक के निर्माण को बढ़ावा दे सकता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा रहता है। अपने वजन को कंट्रोल बनाए रखना हृदय पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव कम करने के लिए जरूरी है।
आइए जानते हैं कि हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए क्या उपाय किया जाना चाहिए?
शराब-धूम्रपान को कहें न
हृदय को स्वस्थ बनाए रखने के लिए शराब-धूम्रपान दोनों से दूरी बनाकर रखना बहुत जरूरी है। धूम्रपान धमनियों की परत को नुकसान पहुंचाने और प्लाक बनने को जोखिमों को बढ़ा सकता है। इन स्थितियों में हृदय रोगों का जोखिम काफी हद तक बढ़ा देता है। धूम्रपान की ही तरह शराब का सेवन भी नुकसानदायक है। शराब पीने से रक्तचाप बढ़ सकता है और हृदय की लय में गड़बड़ी हो सकती है, इससे दीर्घकालिक हृदय रोगों का जोखिम काफी बढ़ जाता है।
सुनें दिल की आवाज
हृदय की किसी भी समस्या को कभी अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर की आवाज सुनें। अगर आपको सीने में दर्द, सांस फूलने की दिक्कत बनी रहती है तो ये हृदय की गंभीर समस्याओं की तरफ इशारा हो सकता है जिसपर समय रहते ध्यान देना औप उपचार प्राप्त करना जरूरी है। धड़कनों का बढ़ा रहना या अत्यधिक थकान महसूस होते रहना भी सेहत के लिए अच्छा नहीं है।
अच्छी नींद लेना जरूरी
नींद की कमी या अनिद्रा जैसे समस्याएं संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली हो सकती हैं, इससे आपके दिल की सेहत पर भी नकारात्मक असर होने का जोखिम रहता है। दिल को स्वस्थ रखने वाली दिनचर्या में नींद एक अनिवार्य हिस्सा है। रोज रात में कम से कम 6-8 घंटे की नींद जरूर लें। गुणवत्तापूर्ण नींद को प्राथमिकता देकर न सिर्फ आप कार्डियोवैस्कुलर समस्याओं से बचे रह सकते हैं साथ ही ये आपको कई अन्य बीमारियों से भी बचाती है।
तनाव कम करें
ज्यादा तनाव लेना आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। लंबे समय तक बनी रहने वाली तनाव की स्थिति हृदय को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाली मानी जाती है। स्ट्रेस के कारण कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर काफी बढ़ जाता है जिसे रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल दोनों के बढ़ने का खतरा रहता है।