हर साल चार फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। कैंसर की बीमारी के प्रति जागरुकता अभियान के लिए यह दिवस मनाया जाता है। कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो दुनियाभर में तेजी से पैर पसार रही है। महिलाओं को स्तन कैंसर और पुरुषों को फेफड़े का कैंसर सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। स्तन कैंसर होने पर महिला के स्तनों पर गांठ बनने लगती है। स्तनों में सूजन आने के साथ ही गांठ बनने और निप्पल के आकार में बदलाव होने लगता है। ऐसे में अगर आपको अपने स्तनों में किसी भी तरह का बदलाव महसूस हो तो फौरन डॉक्टर को दिखाएं क्योंकि अगर कैंसर की बीमारी को शुरुआती स्टेज में पहचान लिया जाए तो इसका इलाज संभव है।
WORLD CANCER DAY 2020: जानिए महिलाओं में होने वाले पांच तरह के कैंसर और उनके लक्षण
ओवेरियन कैंसर
यह एक घातक कैंसर है जिसके शुरुआती लक्षणों के बारे में सही से पता नहीं चल पाता है। जब तक महिलाओं काे इस तरह के कैंसर की बीमारी के बारे में पता लगता है तब तक यह एडवांस स्टेज में पहुंच जाता है। ओवेरियन कैंसर होने पर महिलाओं का पेट फूलने लगता है और पेट में दबाव या दर्द के साथ ही खाने के बाद जरूरत से ज्यादा पेट भरे होने का अहसास होता है। इस तरह के कैंसर में पेशाब में वृद्धि, थकान, अपच, हार्टबर्न, कब्ज, पीठ में दर्द, अनियमित मासिक धर्म और दर्द आदि परेशानी होने लगती है। अगर आपको ऐसे लक्षण दिखें तो इनको कतई नजरअंदाज न करें।
एंडोमेट्रियल कैंसर
गर्भाशय की अंदरूनी परत को एंडोमेट्रियल कहते हैं। इसी एंडोमेट्रियल की कोशिकाएं जब असामान्य रूप से बढ़ने और फैलने लगती हैं, तो ये एंडोमेट्रियल कैंसर का कारण बनकर सामने आती हैं।
स्किन कैंसर
स्किन कैंसर उन महिलाओं को अधिक प्रभावित करता है जो लंबे समय तक धूप में काम करती हैं। इसके अलावा नकली कॉस्मेटिक्स का लगातार इस्तेमाल भी इस कैंसर का कारण हो सकता है।
फेफड़ों का कैंसर मुख्यतः पुरुषों को प्रभावित करता है, लेकिन महिलाएं भी इसकी चपेट में आ सकती हैं। अगर आपको लगातार खांसी, सीने में दर्द, खूनी खांसी, सांस लेने में कठिनाई, आवाज में कर्कश, भोजन निगलने में परेशानी, भूख में कमी, वजन घटना, थकान, फेफड़ों का संक्रमण जैसे कि निमोनिया या ब्रोंकाइटिस आदि हो तो बिल्कुल भी लापरवाही न बरतें। समय रहते अगर लंग कैंसर की पहचान कर ली जाए तो इसका इलाज संभव है।