कैंसर की बीमारी को लेकर एक सबसे बड़ी समस्या यह है कि इस बीमारी के लक्षण आखिरी स्टेज में पता लगते हैं जिसकी वजह से कई बार मरीज की जान चले जाती है। अगर वक्त पर कैंसर की बीमारी का पता चल जाए तो इसका इलाज संभव है। कैंसर की जंग को जीतने के लिए ही हर साल चार फरवरी को विश्व कैंसर दिवस का आयोजन किया जाता है ताकि लोग इस बीमारी को लेकर जागरुक हो सकें। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, हर साल होने वाली छह मौतों में से एक मौत की वजह कैंसर की बीमारी होती है। साल 2018 में कैंसर की बीमारी की वजह से दुनियाभर में 96 लाख से ज्यादा मौतें हुई थी।
World Cancer Day 2020: 2018 में कैंसर से हुई 96 लाख लोगों की मौत, इस बीमारी के लक्षण पहचानिए
अगर भारत की बात करें तो ब्रेस्ट कैंसर ने सबसे तेजी से अपने पांव पसारे हैं। भारतीय महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ा है। साल 2016 की आईसीएमआर रिपोर्ट की बात करें तो भारत में कैंसर के मरीजों की संख्या 14 लाख से ज्यादा है। भारत में हर साल 10 लाख मरीज कैंसर की बीमारी का इलाज कराते हैं। पुरुषों में सबसे ज्यादा तादाद फैफड़े के कैंसर के मरीजों की है जो कि 10.6 फीसदी है जबकि महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की तादाद 27.5 फीसदी है।
न्यूरोसर्जन डॉक्टर मनीष कुमार कहते हैं कि जीवनशैली में सुधार के जरिए कैंसर जैसी घातक बीमारी पर रोकथाम संभव है। सही वक्त रहते अगर कैंसर की बीमारी का इलाज करा लिया जाए तो इस जानलेवा बीमारी से बचा जा सकता है। साल 2030 तक कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़कर 17.3 लाख से ज्यादा होने की संभावना है। वहीं 2020 तक इस बीमारी से मरने वाले मरीजों की संख्या 880,000 को पार कर सकती है। ये आंकड़ें इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के हैं।
कैंसर होने पर आपका शरीर आपको कई तरह के संकेत देने लगता है। इन संकेतों को पहचानकर आप कैंसर की बीमारी का प्रारंभिक स्टेज में ही पता लगा सकते हैं। आइए जानते हैं कैंसर होने पर शरीर किस तरह के संकेत देता है।
लागातार सांस फूलनाकई बार ऐसा होता है कि बिना किसी थकान के या जरा सा चलने से ही सांस फूलने लगती है, अगर आपके साथ ऐसा कुछ हो तो तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें। क्योंकि सामान्यत: ज्यादा तेज दौड़ने या चलने से ही सांस फूलती है।
भूख न लगने की वजह ज्यादातर पाचन तंत्र का खराब होना होता है। अगर आपको पाचन संबंधी कोई परेशानी है और भूख नहीं लग रहीं है तो ये कुछ दिनों में ठीक हो जाता है। लेकिन अगर आपके साथ ये समस्या लंबे समय से है तो जरूरत है कि आप किसी डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि ये समस्या कैंसर के शुरूआती लक्षणों में से एक हो सकती है।