बच्चे के संपूर्ण विकास के लिए उचित पोषण का ध्यान रखना बहुत आवश्यक माना जाता है। अध्ययनों से स्पष्ट होता है नवजात के लिए मां का दूध शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्वों की जरूरतों को पूरा करने में सबसे उपयुक्त होता है। प्रसव के बाद का पहला गाढ़ा पीला दूध बच्चे की सेहत के लिए अमृत के समान होता है। शोधकर्ता कहते हैं, बच्चे के शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के विकास के लिए सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि उसे पर्याप्त मात्रा में स्तनपान कराया जाए।
World Breastfeeding Week: बच्चे के मानसिक विकास के लिए मां का दूध सबसे जरूरी, अध्ययन में सामने आई रोचक जानकारी
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स्तनपान का शिशु की सेहत पर असर
टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने स्तनपान के बच्चे की सेहत पर होने वाले प्रभावों को समझने का प्रयास किया। जिसमें पाया गया कि बचपन के दौरान स्तनपान से प्राप्त सूक्ष्म पोषक तत्व उम्र बढ़ने के साथ मस्तिष्क को होने वाली समस्याओं के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकते हैं। जिन बच्चों को नियमित रूप से स्तनपान कराया गया उनका बौद्धिक विकास और कार्यक्षमता, उन बच्चों की तुलना में कहीं अधिक थी जिनको मां का दूध नहीं मिला था।
मस्तिष्क के विकास में मिलता है लाभ
प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज (पीएनएएस) में प्रकाशित अध्ययन के निष्कर्ष में विशेषज्ञों ने बताया स्तनपान के शुरुआती महीनों के दौरान मां के दूध में मौजूद माइक्रोन्यूट्रिएंट, मायो-इनोसिटॉल विकासशील मस्तिष्क में मदद करता है। ये मस्तिष्क में सिनेप्स या न्यूरॉन्स के बीच संबंध को बेहतर करने में मदद करता है। नतीजतन भविष्य में न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के जोखिमों को कम करने में विशेष लाभ मिल सकता है।
क्या कहते हैं वैज्ञानिक
न्यूरोसाइंस एंड एजिंग टीम के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अध्ययन के लेखक थॉमस बाइडरर कहते हैं, प्रारंभिक शैशवावस्था में मस्तिष्क, विशेष रूप से आहार संबंधी विशेषताओं पर निर्भर करता है। बाइडरर कहते हैं, एक न्यूरोसाइंटिस्ट के रूप में, यह मेरे लिए दिलचस्प है कि सूक्ष्म पोषक तत्वों का मस्तिष्क पर कितना गहरा प्रभाव पड़ता है। यह भी आश्चर्यजनक है कि मां का दूध कितना जटिल और समृद्ध होता है, जिससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि शिशु के मस्तिष्क के विकास के विभिन्न चरणों में मदद के लिए बच्चे को मां का दूध दिया जाना बहुत आवश्यक है।
स्तनपान कराएं सुनिश्चित
प्रोफेसर बीडरर कहते हैं, इस शोध से संकेत मिलता है कि उन परिस्थितियों में जहां स्तनपान संभव नहीं है, शिशुओं को मायो-इनोसिटॉल दिया जाना चाहिए। हालांकि वाह्य तौर पर इसके क्या प्रभाव हैं यह अब भी समझा जाना बाकी है। सुरक्षात्मक तौर पर हर शिशु को मां का दूध पिलाया जाना चाहिए। जन्म के बाद मां को इस लाभ के बारे में बताया जाना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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