मातृत्व, दुनिया का सबसे सुखद एहसास माना जाता है। कोख में बच्चे को पालने से लेकर जन्म के बाद उसके पालन पोषण करने का अनुभव किसी भी स्त्री के जीवन के सबसे खूबसूरत अनुभवों में से एक होता है। बच्चे के लिए मां का दूध अमृत माना जाता है, सेहत के लिहाज से इस दूध में कई तरह की ऐसी पौष्टिकता समाहित होती है जो बच्चे के जीवन के समग्र विकास का निर्धारण करती है। कई अध्ययनों से स्पष्ट होता है कि मां का दूध ही बच्चे का सबसे पहला आहार होना चाहिए, पर समाज में रुढ़िवादिता का चलते अब भी सार्वजनिक रूप से स्तनपान कराना शर्म का विषय माना जाता है। हाल ही में बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा ने इस विषय पर मुखर होकर आवाज उठाई है।
विश्व स्तनपान सप्ताह: सार्वजनिक स्थानों पर स्तनपान कराने में शर्म क्यों? जानिए मां-बच्चे के लिए इसके लाभ
दीया मिर्जा ने उठाई सोच में बदलाव की आवाज
अभिनेत्री दीया मिर्जा कहती हैं, भारत जैसे देश जहां अभी भी शिशु मृत्यु दर और कुपोषण की दर काफी अधिक है, वहां स्तनपान के लिए एक व्यवस्थित बदलाव और व्यापक सामान्यीकरण की आवश्यकता है। बेल्जियम जैसे देश में सार्वजनिक रूप से स्तनपान करना कानून द्वारा संरक्षित है लेकिन भारत में हमें सामाजिक दृष्टिकोण में व्यवस्थित बदलाव लाने की जरूरत है। बच्चे को दूध पिलाना न सिर्फ मां के लिए सुखद एहसास है साथ ही यह मां-बच्चे के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद आवश्यक माना जाता है, पर चिंताजनक है कि सार्वजनिक रूप से स्तनपान कराने के लेकर लोगों में अब भी रुढ़िवादी सोच चली आ रही है।
स्तनपान क्यों आवश्यक है?
अमर उजाला से बातचीत में राजकोट, गुजरात के एक अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ आरती साहू कहती हैं, बच्चों के लिए मां का पहला गाढ़ा पीला दूध अमृत से कम नहीं है। इसे पूर्ण पोषण माना जाता है। स्तनपान, शिशु की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के साथ उसे श्वसन पथ के संक्रमण, मधुमेह, एलर्जी के साथ बचपन में ल्यूकेमिया जैसे संक्रमणों से सुरक्षित रखने में सहायक माना जाता है। बच्चों को स्तनपान कराके शिशु मृत्यु दर को कम करने में भी मदद मिल सकती है। स्तनपान बच्चों के मानसिक विकास के लिए भी बेहद आवश्यक होता है।
क्या कहता है विश्व स्वास्थ्य संगठन?
A woman with #COVID19 should be supported to:
कोविड-19 के दौर में स्तनपान को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) कहता है, नवजात बच्चों के लिए हर हाल में स्तनपान आवश्यक है। यह बच्चों को कोरोना से सुरक्षित रखने में भी सहायक माना जा रहा है। यदि मां कोरोना से संक्रमित है तो भी उसे बच्चे को सुरक्षा के नियमों का पालन करते हुए स्तनपान कराना चाहिए। सुरक्षित स्तनपान बेहद आवश्यक है। कोरोना के इस दौर में बच्चो को इस गंभीर संक्रमण से सुरक्षित रखने में मां का दूध काफी मददगार हो सकता है।
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🤱🏼 Hold her newborn skin-to-skin
🤱🏾 Share a room with her baby
As World Breastfeeding Week starts Sunday, @WHO has more on coronavirus & breastfeeding: https://t.co/6fedIAQuDb pic.twitter.com/rrUB9wqm98
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने गिनाए फायदे
इस #WorldBreastfeedWeek पर आइये, मातृत्व को सराहें और स्तनपान से माँ और शिशु को होने वाले लाभ के बारे में लोगों को जागरूक करें। #SwasthaBharat #BreastFeedBestFeed pic.twitter.com/S3rAxFcCWQ
विश्व स्तनपान सप्ताह पर भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने ट्वीट करके स्तनपान को बढ़ावा देने की अपील की है। मंत्रालय ने ट्वीट के माध्यम से कहा, आइए मातृत्व को सराहें और स्तनपान से माँ और शिशु को होने वाले लाभ के बारे में लोगों को जागरूक करें। स्तनपान बच्चे के अलावा मां के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद आवश्यक है। स्तनपान कराने प्रसव के बाद होने वाली कई तरह की गंभीर समस्याओं से सुरक्षित रहा जा सकता है।
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नोट: यह लेख विश्व स्तनपान सप्ताह के मौके पर अभिनेत्री दीया मिर्जा के बयान और स्वास्थ्य संगठनों के ट्वीट के आधार पर तैयार किया गया है।
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