वैश्विक स्तर पर रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए हर साल 14 जून को 'विश्व रक्तदाता दिवस' मनाया जाता है। इस खास दिन का उद्देश्य दुनियाभर में रक्तदान को बढ़ावा देने
World Blood Donor Day: रक्तदान पूरी तरह से स्वस्थ और सुरक्षित, जानिए ब्लड डोनेशन के पहले-बाद में क्या खाएं-पिएं?
रक्तदान कौन कर सकता है?
18 वर्ष या उससे अधिक और 60 वर्ष से कम आयु वाले स्वस्थ व्यक्ति स्वेच्छा से रक्तदान कर सकते हैं। रक्तदाता का वजन कम से कम 50 किलोग्राम होना चाहिए साथ ही वह मधुमेह या रक्तचाप जैसी समस्याओं का रोगी नहीं होना चाहिए। एक बार रक्तदान करने के 56 दिनों बाद दूसरा रक्तदान किया जा सकता है।
सबसे खास बात रक्तदान करने से न तो कमजोरी आती है और न ही इससे सेहत को कोई नुकसान होता है। हां, रक्तदान से पहले और बाद में खान-पान को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।
रक्तदान से पहले की जरूरी बातें
रक्तदान करने से पहले हल्का लेकिन स्वस्थ भोजन जरूर करें और खूब पानी पिएं। इससे आपके शारीरिक कार्यों को नियंत्रित रखने और रक्तचाप को कंट्रोल रखने में मदद मिलेगी। कभी भी खाली पेट रक्तदान नहीं करना चाहिए। रक्तदान करने से आपके शरीर में आयरन के स्तर में थोड़ी कमी आ सकती है, इसलिए स्वस्थ और पौष्टिक खाद्य पदार्थों का सेवन करने के बाद ही रक्तदान करें। हालांकि रक्तदान के बाद शरीर में होने वाली आयरन की कमी की स्वत: पूर्ति भी हो जाती है।
रक्तदान करने से पहले उच्च वसा वाले खाद्य पदार्थ, धूम्रपान या शराब का सेवन नहीं करना चाहिए।
रक्तदान के बाद क्या करें?
रक्तदान के बाद कुछ समय तक आपको हल्की कमजोरी का एहसास हो सकता है, हालांकि यह स्वत: ठीक हो जाता है। रक्तदान करने के बाद पानी पीना और स्वस्थ-पौष्टिक चीजों का सेवन करना आवश्यक माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ आयरन और विटामिन-सी से भरपूर चीजों के सेवन की सलाह देते हैं। रक्तदान के बाद शरीर में स्वत: कुछ समय के भीतर नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण शुरू हो जाता है, ऐसे में रक्तदान के बाद किसी तरह की दिक्कत नहीं होती है।
'रक्तदान पूरी तरह से सुरक्षित है'
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, रक्तदान पूरी तरह से सुरक्षित है, इससे बिल्कुल भी घबराना नहीं चाहिए। रक्तदान करने के बाद आपको आत्मसंतुष्टि का एहसास होता है जो मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। शरीर में रक्त निर्माण की प्रक्रिया सतत चलती रहती है, ऐसे में रक्तदान करने से शरीर में खून की कमी नहीं होती है। रक्तदान को विशेषज्ञ पूरी तरह से स्वस्थ प्रक्रिया मानते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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