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World Aids Day: अब भी लाइलाज है एड्स, जानिए इस बीमारी के लक्षण-कारण से लेकर उपाय तक सबकुछ विस्तार से

Fri, 01 Dec 2023 12:42 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Fri, 01 Dec 2023 12:42 AM IST
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विश्व एड्स दिवस 2023 - फोटो : Istock

एक्वायर्ड इम्युनोडेफिशिएंसी सिंड्रोम (एड्स) गंभीर और लाइलाज बीमारी है, जिसका खतरा वैश्विक स्तर पर बढ़ हुआ देखा जा रहा है। ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) के कारण होने वाली ये बीमारी जानलेवा हो सकती है। एड्स रोग के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इस बीमारी से बचाव को लेकर लोगों को सचेत करने के उद्देश्य से हर साल एक दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। एड्स, मुख्यरूप से यौन संचारित रोग है, हालांकि कुछ और कारणों से इसका खतरा हो सकता है।



रिपोर्ट्स से पता चलता है कि दुनियाभर में एड्स रोग और एचआईवी संक्रमण को लेकर लोगों में कई सारी गलतफहमियां हैं। इसलिए जरूरी है कि आपको इस रोग के बारे में सही जानकारी हो। आइए एड्स के जोखिम और इसके बचाव के बारे में विस्तार से समझते हैं।

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एड्स का खतरा - फोटो : iStock

क्या है एड्स रोग?

जैसा कि ऊपर बताया गया है कि एड्स, एचआईवी वायरस से संक्रमण के कारण होने वाली बीमारी है। आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाकर, एचआईवी वायरस शरीर के संक्रमण और बीमारी से लड़ने की क्षमता को काफी कमजोर कर देता है। यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) के अलावा ये संक्रमण संक्रमित रक्त के चढ़ाने, संक्रमित व्यक्ति को लगे इंजेक्शन के उपयोग से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। गर्भावस्था, प्रसव या स्तनपान के दौरान मां से इसके बच्चे में भी होने का खतरा देखा जाता रहा है।

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एड्स के कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : Istock

कैसे जाने कि आपको एचआईवी का संक्रमण या एड्स तो नहीं?

एचआईवी संक्रमण या एड्स की पुष्टि के लिए खून की जांच जरूरी है। हालांकि कुछ लक्षणों के माध्यम से भी इस रोग की पहचान की जा सकती है।

एचआईवी से संक्रमित कुछ लोगों में वायरस के शरीर में प्रवेश करने के 2 से 4 सप्ताह के भीतर फ्लू जैसी बीमारी विकसित होने लगती है। इसके अलावा बुखार, सिरदर्द,मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, गले में खराश और मुंह में घाव होना, वजन घटना भी इस रोग का लक्षण माना जाता है। 

ये लक्षण इतने हल्के हो सकते हैं कि लोगों का शुरू में इनपर ध्यान भी नहीं जाता। हालांकि, समय के साथ रक्त में वायरल लोड बढ़ती जाती है जिसके कारण रोग और लक्षणों के गंभीर रूप लेने का खतरा अधिक हो सकता है।

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एचआईवी एड्स का खतरा - फोटो : istock

किन लोगों को होता है एड्स का खतरा?

यदि आप असुरक्षित यौन संबंध बनाते हैं, विशेषकर जाने-अनजाने उन लोगों के साथ जिनको पहले से ही ये संक्रमण है तो आप भी एचआईवी के संपर्क में आ सकते हैं। इसके अलावा संक्रमित इंजेक्शन (सुइयों और सीरिंज) को साझा करने, संक्रमित व्यक्ति का रक्त लेने से भी आपके संक्रमित होने का जोखिम हो सकता है। 

गर्भावस्था या प्रसव के दौरान या स्तनपान के दौरान संक्रमित मां से बच्चों में भी ये संक्रमण जा सकता है। हालांकि गर्भावस्था में जांच के दौरान एचआईवी टेस्ट करके इस जोखिम को कम करने के लिए प्रयास किए जाते हैं।

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एड्स से कैसे बचें? - फोटो : istock

एचआईवी संक्रमण से बचाव 

एचआईवी संक्रमण को रोकने के लिए कोई टीका नहीं है, हालांकि कुछ मेडिकल रिपोर्ट्स में एचआईवी/एड्स के उपचार के ट्रायल का जिक्र मिलता है, फिर भी अभी एड्स को लाइलाज बीमारी ही माना जाता है। एचआईवी संक्रमण से बचाव जरूरी है। 

हाथ मिलाने, संक्रमित व्यक्ति के छींकने-खांसने से निकलने वाली ड्रॉपलेट, संक्रमित व्यक्ति के साथ भोजन करने से ये संक्रमण नहीं फैलता है, इसलिए ऐसे लोगों से किसी तरह का भेदभाव न करें। खुद इस संक्रामक रोग से बचाव करें और दूसरों को भी बचाव के लिए प्रेरित करें।





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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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