फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

World Aids Day 2023: क्या मिल गया है एचआईवी संक्रमण का इलाज? अब तक तीन रोगियों के ठीक होने से जगी उम्मीद

Fri, 01 Dec 2023 12:42 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Fri, 01 Dec 2023 12:42 AM IST
विज्ञापन
World Aids Day 2023 HIV transplant with cord blood stem cells know AIDs treatment in hindi
एचआईवी संक्रमण का इलाज - फोटो : istock

एक्वार्ड इम्यून डेफिशियेंसी सिंड्रोम (एड्स) गंभीर बीमारी है जिसका जोखिम वैश्विक स्तर पर बढ़ता हुआ देखा गया है। असुरक्षित यौन संबंध, दूषित इंजेक्शन और संक्रमित व्यक्ति का खून चढ़ाने के कारण एचआईवी का संक्रमण हो सकता है। ह्यूमन इम्यूनो डेफिशियेंसी वायरस (एचआईवी) का संक्रमण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देती है जिसके कारण गंभीर बीमारियों का जोखिम रहता है।



एड्स, अब भी लाइलाज बीमारी मानी जाती रही है। महामारी की शुरुआत के बाद से, 85.6 मिलियन लोग एचआईवी वायरस से संक्रमित हो चुके हैं और लगभग 40.4 मिलियन लोग एचआईवी-एड्स से मारे जा चुके हैं। वैश्विक स्तर पर, 2022 के अंत तक 39.0 मिलियन लोग एचआईवी के साथ जी रहे हैं।

पिछले कुछ वर्षों में एड्स के उपचार के लिए वैज्ञानिक लगातार प्रयास कर रहे हैं। कुछ मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है एड्स के इलाज के लिए किए गए कुछ प्रयासों के अच्छे परिणाम देखे गए हैं। आइए इस बारे में जानते हैं।

World Aids Day 2023 HIV transplant with cord blood stem cells know AIDs treatment in hindi
एचआईवी एड्स - फोटो : iStock

अब तक तीन रोगी हो चुके हैं ठीक

एचआईवी के इलाज के लिए किए गए प्रयास में अब तक कुछ हद तक सफलता मिलती हुई दिख रही है, हालांकि वैश्विक स्तर पर इसे अब भी लाइलाज बीमारी के तौर पर ही देखा जा रहा है। अब तक एचआईवी से ठीक होने के तीन मामले सामने आए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इसी साल एचआईवी संक्रमित एक महिला का इस रोग से सफल इलाज किया गया है। इस संक्रमण के उपचार के लिए स्टेम सेल ट्रांसप्लांट तकनीक को प्रयोग में लाया गया, जिसके माध्यम से संक्रमण को ठीक करने में सफलता मिली थी। एचआईवी से ठीक होने वाली ये पहली महिला और तीसरी व्यक्ति बन गई है।

World Aids Day 2023 HIV transplant with cord blood stem cells know AIDs treatment in hindi
एड्स का इलाज - फोटो : Pixabay

स्टेम सेल ट्रांसप्लांट के जरिए किया गया इलाज

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि एचआईवी संक्रमित महिला पहले से ल्यूकेमिया से भी पीड़ित थी। इसके इलाज के लिए एक ऐसा डोनर ढूंढा गया जिसके अंदर एचआईवी वायरस के खिलाफ कुदरती प्रतिरोधक क्षमता थी। ट्रांसप्लांट के माध्यम से एचआईवी संक्रमण को ठीक करने की दिशा में नई उम्मीद मिली है।

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सैन फ्रांसिस्को में एड्स विशेषज्ञ स्टीवन डीक्स ने एक संबोधन में बताया कि परीक्षण के दौरान रोगी में पहले कैंसर इम्यून सेल्स को मारने के लिए कीमोथेरेपी की जरूरत पड़ी। इस प्रक्रिया के बाद उसमें कॉर्ड स्टेम सेल ट्रांसप्लांट किया गया। वैज्ञानिकों का मानना है कि अब महिला में एचआईवी वायरस के खिलाफ प्रतिरोधी प्रतिरक्षा प्रणाली विकसित हो जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
World Aids Day 2023 HIV transplant with cord blood stem cells know AIDs treatment in hindi
एचआईवी संक्रमण और इसका उपचार - फोटो : iStock

एचआईवी संक्रमण के उपचार की जगी उम्मीद

इस इलाज प्रक्रिया के माध्यम से विशेषज्ञों को उम्मीद जगी है कि भविष्य में ये एचआईवी संक्रमण को ठीक करने में मददगार हो सकती है।  हैप्लो-कॉर्ड ट्रांसप्लांट के रूप में जानी जाने वाली प्रक्रिया में, इस महिला को आंशिक रूप से मेल खाने वाले डोनर से कॉर्ड ब्लड दिया गया। इसके आधार पर अब एचआईवी के इलाज को लेकर उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।

अभी तक स्टेम सेल ट्रांसप्लांट या बोन मैरो ट्रांसप्लांट का उपयोग कुछ प्रकार के कैंसर के इलाज के लिए किया जाता रहा है।

विज्ञापन
World Aids Day 2023 HIV transplant with cord blood stem cells know AIDs treatment in hindi
एड्स का उपचार - फोटो : istock

क्या कहते हैं वैज्ञानिक?

वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि अगर ये तकनीक सफल रहती है तो एड्स लाइलाज रोग नहीं रह जाएगा। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर यवोन ब्रायसन कहते हैं, गर्भनाल रक्त कोशिकाओं का उपयोग एचआईवी के साथ जी रहे लोगों के लिए उम्मीद बढ़ाता हैं। हम प्रयास में है कि इस गंभीर रोग का सफल इलाज किया जा सके। अब भी हर साल लाखों लोगों की मौत कैंसर के कारण हो जाती है।


----------------
स्रोत और संदर्भ: 
Woman potentially cured of HIV using transplant with cord blood stem cells

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed