हाल के वर्षों में मानसिक रोगों से प्रभावित लोगों की संख्या में काफी तेजी से इजाफा देखने को मिल रहा है। अल्जाइमर भी ऐसे ही एक मानसिक रोगों से जुड़ी हुई समस्या है। इससे ग्रसित लोगों को अक्सर चीजों को भूल जाने, याददाश्त की कमी, बोलने में दिक्कत और निर्णय लेने में कठिनाई आने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हाल ही में हुए एक शोध में वैज्ञानिकों ने पाया है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को इस मानसिक समस्या के शिकार होने का खतरा अधिक होता है। स्वीडन में हुए शोध में विशेषज्ञों ने पाया है कि महिलाओं में अल्जाइमर को बढ़ावा देने वाला प्रोटीन पुरुषों की तुलना में तेजी से जमा होने लगता है जो उन्हें इस बीमारी का शिकार बना देती हैं।
आइए जानते हैं कि आखिर किन कारणों से महिलाओं में इस प्रोटीन के जमा होने का खतरा ज्यादा होता है साथ ही इससे बचाव के किन उपायों को प्रयोग में लाया जा सकता है?
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि दुनिया भर में 30 मिलियन यानी 3 करोड़ से अधिक लोग अल्जाइमर रोग से पीड़ित हैं। इस रोग को डेमेंशिया का सबसे आम रूप भी माना जाता है है। विशेषज्ञों की मानें तो टाऊ और बीटा-एमिलॉइड दो ऐसे प्रोटीन हैं जो अल्जाइमर रोगियों के मस्तिष्क में एकत्रित होने लगते हैं। इस शोध के दौरान विशेषज्ञों ने पाया कि महिलाओं के मस्तिष्क में टाऊ प्रोटीन तेजी से एकत्रित होने लगता है जिससे उनको पुरुषों के मुकाबले इस बीमारी का खतरा ज्यादा होता है।
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महिलाओं में इसका खतरा ज्यादा क्यों?
अध्ययन से जुड़ीं प्रोफेसर ओस्कर हैनसन का कहना है कि हमारे अध्ययन से संकेत मिलता है कि महिलाओं में टाऊ का तेजी से प्रसार होना उन्हें पुरुषों की तुलना में अल्जाइमर के लिए ज्यादा खतरनाक बनाता है। हालांकि महिलों को यह समस्या क्यों आती है, इस अध्ययन से बहुत ज्यादा स्पष्ट नहीं हो सका है। इसके कारणों को जानने के लिए और अधिक शोध की आवश्यकता है। हालांकि यह जरूर कहा जा सकता है कि टाऊ का संचय उन रोगियों में तेजी से होता है जिनके मस्तिष्क में पहले से ही बीटा-एमिलॉइड प्रोटीन का संचय हो रहा होता है।
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अल्जाइमर से कैसे करें बचाव?
विशेषज्ञों के मुताबिक जीवनशैली में सुधार करके अल्जाइमर को विकसित होने से रोका जा सकता है। धूम्रपान और शराब का सेवन न करें, सप्ताह में कम से कम 150 मिनट व्यायाम अवश्य करें, साथ ही इस समस्या से सुरक्षित रहने के लिए पौष्टिक आहार का सेवन करें। इन नियमों के पालन करने वाले लोगों को अल्जाइमर का खतरा कम होता है।