डॉ. राजन गांधी
सर्दियों में मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जैसे जैसे मौसम बदलता है, बीमारियों का डर सताने लगता है। इस मौसम में बीमार पड़ने का खतरा को कई गुना बढ़ ही जाता है, साथ ही फ्लू,सर्दी, जुकाम, खांसी और तेज बुखार समेत कई बीमारियों से ग्रसित होना आम बात हो जाती है। इस तरह की बीमारियां ठंड लगने और सर्दियों में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण होता है। इन मौसमी बीमारियों से बचने के लिए सर्दी आते ही लोग गर्म कपड़े पहनने की सलाह देते हैं, खान पान पर ध्यान देने को कहा जाता है। हालांकि सर्दी के मौसम में बीमार होने से बचने के लिए शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के अलावा कुछ और भी बातों पर ध्यान देने की जरूरत होती है। बुखार-जुकाम से बचने के लिए कुछ कारगर घरेलू उपायों का भी सहारा लें सकते हैं, ताकि सर्दी-जुकाम और फ्लू जैसी समस्याओं में आराम पा सकें। चलिए आपको बताते हैं मौसमी बीमारियों से बचाव के पांच तरीके।
आज का हेल्थ टिप्स: सर्दियों में मौसमी बुखार-जुकाम से बचने के लिए ये हैं पांच सबसे कारगर तरीके, प्रयोग में लाकर पा सकते हैं लाभ
हल्दी दूध का सेवन
सर्दियों में बीमारी से बचाव के लिए आप दूध में हल्दी मिलाकर रोजाना पी सकते हैं। हल्दी वाले दूध में कैल्शियम, आयरन, सोडियम, ऊर्जा, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। ये पोषक तत्व शरीर को कई समस्याओं से बचाने में मदद करते हैं। नियमित सेवन से इम्यूनिटी भी मजबूत होती है। वहीं शरीर के दर्द और सूजन से भी राहत मिलती है।
सर्दियों में भाप है असरदार
इस मौसम में सर्दी जुकाम होने पर भाप लेना फायदेमंद हो सकता है। सप्ताह में तीन से चाप बार गर्म पानी की भाप लेने से सर्दी-जुकाम जैसी स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों से तो राहत मिलती ही है, स्किन भी साफ और चमकदार बनती है। आप पुदीने या अजवाइन की पत्तियां गर्म पानी में डालकर भी भाप ले सकते हैं। भाप लेने से ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है। इसके अलावा गर्म पानी की भाप से नाक व गले के माध्यम से फेफड़ों तक भाप पहुंचती है, जिससे गले में जमा कफ बाहर निकलता है।
तुलसी वाली चाय के फायदे
सर्दियों में चाय पीना लगभग सभी को पसंद होता है लेकिन चाय में तुलसी के पत्ते डालकर आप चाय को मौसमी बीमारियों से बचाव में औषधी के तौर पर पी सकते हैं। आयुर्वेद में तुलसी को बहुत गुणकारी माना गया है। अगर आप तुलसी की चाय पीते हैं तो शरीर को भारी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट मिलता है। जो शरीर में होने वाले फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाता है। यह शरीर की सूजन को कम करने के साथ खांसी जुकाम में असरदार होती है।
गरारे करें
गरारा किसी भी तरह से नुकसान नहीं करता बल्कि कई समस्याओं से राहत पहुंचाता है। गले में खराश हो या साइनस जैसी समस्या हो, हल्के गुनगुने पानी से गरारे करने से फायदा मिलता है। पानी में नमक मिलाकर गरारे कर सकते हैं। गरारा गले और पेट से जुड़ी कई समस्या से छुटकारा दिला सकता है। इससे गले में खराश, सर्दी, जुकाम में भी राहत मिलती है।