सर्दियां आ गई हैं। सर्दियों में कई तरह की बीमारियां होने का खतरा होता है। ठंड के मौसम में सबसे ज्यादा बच्चे बीमार होते हैं। उन्हे बहुत जल्द सर्दी लग जाती है, जिससे तरह तरह की बीमारियां होने लगती हैं। इसलिए सर्दियों में सबसे पहले बच्चों को बचा कर रखने पर ध्यान दिया जाता है। सर्दी बढ़ने पर अक्सर बच्चों को फ्लू और निमोनिया की शिकायत होने लगती है। सर्दी और खांसी जुकाम से भी बच्चे परेशान हो जाते हैं। खास कर 10 साल के बच्चों को सर्दियों में काफी समस्या होती है। ऐसे में जरूरी है कि ठंड से बच्चों को बचाया जाए। सर्दियों के मौसम में खान पास से लेकर रहन सहन तक पर ध्यान देने की जरूरत होती है। चिकित्सकों के मुताबिक, बच्चों को होने वाले बुखार या खांसी-जुकाम की शिकायत को हल्के में न लें। यहां कुछ आसान से उपाय बताए जा रहे हैं जिससे बच्चों को सर्दियों में बचाना होता है जरूरी।
आज का हेल्थ टिप्स: सर्दियों में बच्चों को बचाना है ठंड से, तो इन बातों का रखें ध्यान
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सब्जियां और फल खिलाएं
स्वस्थ रहने के लिए सब्जियां और फल शरीर के लिए लाभदायक होते हैं। संक्रमण से लड़ने के लिए पोषक तत्व की जरूरत होती है। बच्चों को भरपूर पोषण वाली सब्जियां और फलों का सेवन जरूर कराएं
पूरी नींद है जरूरी
पूरी नींद न लेने से सर्दी जुकाम होने की समस्या अधिक हो सकती है। 5 से 13 साल के बच्चों को 9 से 11 घंटे की नींद लेनी चाहिए। अगर पूरी नींद लेंगे तो उनकी इम्यूनिटी भी मजबूत बनेगी।
गर्म कपड़े पहनाकर रखें
ठंड से बचाने के लिए बच्चों को गर्म कपड़े जरूर पहनाएं। कैप, मोजे, स्वेटर आदि उनको सर्द हवाओ ंसे बचाता है और सर्दी लगने की संभावना से बचाता है।
बाहर खेलने जरूर ले जाएं
बच्चों की सेहत के लिए जरूरी है कि वह एक्सेरसाइज जरूर करें। फ्रेश एयर उनकी सेहत को बनाए रखता है। ऐसे में सर्दियों में भी बच्चों को कुछ देर के लिए खेलने के लिए बाहर जरूर निकालें ताकि उनका शरीर एक्टिव रहे।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।