शरीर की हाइट अच्छी होना, न सिर्फ आपके अच्छे लुक के लिए जरूरी है, बल्कि इसे शरीर की सेहत और फिटनेस दोनों के लिए भी जरूरी माना जाता है। हालांकि बड़ी संख्या में लोग कम हाइट की समस्या से परेशान देखे जाते हैं। आमतौर पर इस समस्या के लिए आनुवांशिकता के अलावा कुछ हार्मोंन्स की कमी को प्रमुख कारण माना जा सकता है।
Yoga Tips: जानिए क्यों नहीं बढ़ पाती है कुछ बच्चों की हाइट, क्या योगासनों से मिल सकता है इसमें लाभ?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वृक्षासन योग के अभ्यास की बनाइए आदत
बच्चों की हाइट बढ़ाने के लिए उनमें वृक्षासन योग के अभ्यास की आदत बनाने से लाभ मिल सकता है। ट्री पोज़ या वृक्षासन योग के दौरान एक पैर को मोड़कर दूसरी जांघ के ऊपर रखा जाता है, इस दौरान शरीर का पूरा भार दूसरे पैर पर होता है। यह आसन आपकी मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करती है। इसके अलावा इस योग के अभ्यास के दौरान पिट्यूटरी ग्रंथि (ग्रोथ हार्मोन के उत्पादन के लिए जिम्मेदार) सक्रिय होती है जो शरीर की लंबाई को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक होती है।
शीर्षासन योग का अभ्यास
शीर्षासन योग शरीर की मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग के साथ पिट्यूटरी ग्रंथि को सक्रिय करने के सबसे कारगर योगाभ्यासों में से एक है। हेड स्टैंड पोज के अभ्यास के दौरार शरीर के ऊपरी हिस्सों में रक्त का संचार ठीक रहता है, साथ ही हार्मोन्स को बढ़ावा देने के लिए भी इस योग के अभ्यास को कारगर माना जाता है। बच्चों की हाइट को बढ़ाने के अलावा उनके बौद्धिक विकास के लिए भी शीर्षासन योग का अभ्यास करना विशेष लाभकारी हो सकता है।
पर्वतासन योग से मिलता है लाभ
ताड़ासन या पर्वतासन मुद्रा आपके शरीर की सभी बड़ी मांसपेशियों को फैलाने में मदद करती है। शरीर द्वारा ग्रोथ हार्मोन के निर्माण को बढ़ावा देने में इस आसन से मदद मिल सकती है। सिर से लेकर पैर तक की मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग के साथ शरीर की लंबाई को बढ़ावा देने, शारीरिक संतुलन को ठीक रखने और एकाग्रता-स्थिरता को बनाए रखने में इस योग के अभ्यास की आदत फायदेमंद हो सकती है। पर्वतासन योग को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत को फिट बनाए रखने में कारगर माना जाता है।
------------------
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।