शरीर को स्वस्थ रखने और बेहतर तरीके से अंगों के काम करते रहने के लिए कई प्रकार के पोषक तत्वों की नियमित रूप से आवश्यकता होती है, कॉपर ऐसा ही एक मिनरल है। यह शरीर के सभी ऊतकों में पाया जाता है। लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने, तंत्रिका कोशिकाओं और प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाए रखने में इसकी भूमिका होती है। यह शरीर को कोलेजन बनाने और आयरन को अवशोषित करने में भी मदद करता है। शरीर में अधिकांश कॉपर लिवर, मस्तिष्क, हृदय, किडनी और कंकाल की मांसपेशियों में पाया जाता है। रोजाना आहार के माध्यम से हमें इसकी आवश्यकता होती है।
अलर्ट: शरीर में इस मिनरल की कमी से कमजोर हो जाती है इम्युनिटी, हार्ट भी पड़ सकता है कमजोर
Copper Deficiency: कॉपर शरीर के लिए जरूरी मिनरल है, जो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, आयरन के अवशोषण, तंत्रिका तंत्र और इम्युनिटी को बेहतर बनाए रखने में भूमिका निभाता है। इसकी कमी वैसे तो दुर्लभ है, लेकिन गंभीर स्थितियों में सेहत पर असर डाल सकती है।
हृदय स्वास्थ्य के लिए जरूरी
शरीर में कॉपर की कमी हाई कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर के जोखिमों को बढ़ा देती है। शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया है कि हार्ट फेलियर वाले कुछ रोगियों को कॉपर सप्लीमेंट्स से फायदा हो सकता है।
- पशुओं पर किए गए अध्ययन में कॉपर के निम्न स्तर को कार्डियोवास्कुलर समस्याओं से जोड़ा गया है। हृदय को स्वस्थ रखने और इसकी जटिलताओं को कम करने के लिए आहार में कॉपर की मात्रा सुनिश्चित करें।
इम्युनिटी होती है मजबूत
- शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए भी कॉपर की आवश्यकता होती है। शरीर में इस मिनरल की कमी न्यूट्रोपेनिया का कारण बन सकती है। यह सफेद रक्त कोशिकाओं या न्यूट्रोफिल की कमी की स्थिति है, जो संक्रमण से लड़ते के लिए जरूरी है। न्यूट्रोफिल के लो लेवल वाले व्यक्तियों में संक्रामक रोग होने की आशंका अधिक होती है।
कोलेजन के लिए भी जरूरी
- कॉपर हमारे शरीर के प्रमुख संरचनात्मक घटकों कोलेजन और इलास्टिन को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कोलेजन, ऊतकों को मजबूत और लचीला बनाने में मदद करता है। वैज्ञानिकों ने परिकल्पना की है कि कॉपर में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो त्वचा की उम्र बढ़ने को रोकने में मदद कर सकता है। शरीर में कॉपर की कमी के कारण कोलेजन की समस्या हो सकती है।
कॉपर की पूर्ति के लिए क्या खाएं?
कॉपर, प्रोटीन खाद्य पदार्थों जैसे मीट, शेलफिश, मछली, नट्स और सीड्स के साथ-साथ साबुत अनाज और चॉकलेट में अधिक मात्रा में पाया जाता है।
- एवाकाडो, अमरूद, अनार, कीवीफल आदि से भी इसकी पूर्ति की जा सकती है।
- कुछ लोग कॉपर की बर्तन में पानी रखकर भी इसका सेवन करते हैं, इससे भी शरीर को कॉपर प्राप्त हो सकता है।
- 18 साल से अधिक के लोगों को रोजाना 900 माइक्रोग्राम की मात्रा में कॉपर की जरूरत होती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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