मौजूदा समय में दिल की बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है, कम उम्र वाले भी इसका शिकार हो रहे हैं। हाल की कई रिपोर्ट्स में आपने भी 30 से कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक और इससे मौत के मामलों के बारे में जरूर सुना होगा।
हार्ट हेल्थ: ब्लॉक तो नहीं हो रहीं दिल की नसें? ये लक्षण हैं तो तुरंत जाएं डॉक्टर के पास
Heart Blockage Symptoms: दिल की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल और फैट जमा होने से ब्लॉकेज हो सकती है। छाती में दबाव, सांस फूलना और असामान्य थकान इसके संकेत होते हैं। ईसीजा, सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी और अन्य जांचों से स्थिति का पता लगाया जाता है।
धमनियों में ब्लॉकेज की समस्या
क्या सीढ़ियां चढ़ते समय आपकी सांस फूलने लगती है? थोड़ा चलने पर छाती में भारीपन महसूस होता है या बार-बार थकान होती है? इन लक्षणों को अक्सर लोग कमजोरी, गैस या बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कुछ मामलों में ये दिल की धमनियों में ब्लॉकेज के संकेत भी हो सकते हैं।
- दिल की धमनियां हृदय की मांसपेशियों तक खून और ऑक्सीजन पहुंचाती हैं। जब इनकी अंदरूनी दीवारों पर कोलेस्ट्रॉल, वसा और दूसरे पदार्थ जमा होने लगते हैं, तो धमनियां संकरी हो जाती हैं।
- इस स्थिति को कोरोनरी आर्टरी डिजीज कहा जाता है। समय पर इसका पता न चले, तो हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
- अच्छी बात यह है कि संतुलित खानपान और समय पर इलाज से इस जोखिम को कम किया जा सकता है।
दिल की नसें ब्लॉक होने के क्या लक्षण हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, धमनियों में रुकावट होने पर कुछ लोगों को छाती में दबाव, जकड़न या दर्द महसूस हो सकता है। यह परेशानी चलने, सीढ़ियां चढ़ने या मेहनत करने पर बढ़ सकती है। इसके अलावा सांस फूलना, ठंडा पसीना, चक्कर आना और असामान्य थकान भी ब्लॉकेज की समस्या का संकेत हो सकते हैं।
- यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि महिलाओं, बुजुर्गों और डायबिटीज के मरीजों में लक्षण आमतौर पर ज्यादा स्पष्ट नहीं होते हैं इसलिए शरीर में होने वाली हल्की-फुल्की समस्याओं को भी अनदेखा नहीं करना चाहिए।
नसों में ब्लॉकेज का पता कैसे चलता है?
अगर आपको लगातार छाती में दबाव, सांस फूलने, ठंडा पसीना आने जैसी दिक्कतें होती रहती हैं तो इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें। डॉक्टर आपकी स्थिति को देखते हुए ईसीजी, इकोकार्डियोग्राफी, सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी और कुछ जरूरी जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।
डॉक्टर बताते हैं, ब्लॉकेज की समस्या का खतरा डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान या मोटापा वाले लोगों में ज्यादा होता है, ऐसे लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। नियमित जांच से इन जोखिमों को समय रहते पहचाने और हार्ट अटैक जैसी जानलेवा समस्याओं से बचने में मदद मिल सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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