क्या आपके पीरियड्स भी समय पर नहीं आते? चेहरे पर बार-बार मुंहासे निकल गए हैं और चेहरे पर अनचाहे बाल या वजन बढ़ गया है? ये सभी समस्याएं ज्यादातर मामलों में हार्मोनल समस्याओं विशेषकर पॉलीएंडोक्राइन मेटाबॉलिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीएमओएस) का संकेत हो सकती हैं। पीएमओएस को पहले पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) के नाम से जाना जाता था।
महिलाओं की सेहत: पीरियड्स अनियमित हैं और चेहरे पर बढ़ रहे हैं बाल? कहीं पीएमओएस तो नहीं है इसका कारण
PMOS Symptoms: पीएमओएस, जिसे पहले पीसीओएस कहा जाता था महिलाओं में होने वाली हार्मोनल और मेटाबॉलिक समस्या है। अनियमित पीरियड्स, मुंहासे, अनचाहे बाल और गर्भधारण में परेशानी इसके लक्षण हो सकते हैं। इससे डायबिटीज और हृदय रोग का जोखिम भी बढ़ जाता है।
पीएमओएस की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, पीएमओएस हार्मोनल, मेटाबोलिक और प्रजनन संबंधी समस्याओं को संदर्भित करने वाली स्थिति है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, दुनियाभर में प्रजनन उम्र की लगभग 10-13% महिलाओं को पीएमओएस की समस्या हो सकती है। सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि इनमें से करीब 70% महिलाओं को अपनी समस्या का पता ही नहीं होता।
- स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, अगर पीएमओएस की समस्या पर समय रहते ध्यान देकर इलाज हो जाए तो इससे भविष्य की गंभीर समस्याओं को कम किया जा सकता है।
पीएमओएस होता क्यों है?
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि इस समस्या का सटीक कारण बहुत स्पष्ट नहीं है। हालांकि, हार्मोन में असंतुलन, इंसुलिन का ठीक से काम न करना और आनुवंशिकता की वजह से कई महिलाओं और किशोरियों में ये दिक्कतें हो सकती हैं। इंसुलिन रेजिस्टेंस होने पर शरीर को ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में परेशानी हो सकती है, जिससे हार्मोनल असंतुलन बढ़ जाता है।
- इतना ही नहीं समय पर देखभाल न होने पर पीएमओएस से टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग का जोखिम बढ़ सकता है।
- पीरियड्स लंबे समय तक नहीं आने पर गर्भाशय की अंदरूनी परत मोटी होने और एंडोमेट्रियल कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है।
- इसके अलावा, गर्भधारण में परेशानी और मानसिक तनाव भी हो सकता है।
पीएमओएस की कैसे पहचान करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, सभी महिलाओं को कुछ लक्षणों पर लगातार ध्यान देते रहना चाहिए। अगर ये समस्याएं हैं तो तुरंत डॉक्टर की सलाह ले लें।
- पीरियड्स का अनियमित होना या कई महीनों तक न आना।
- चेहरे और शरीर पर अनचाहे बाल बढ़ना।
- मुंहासे और सिर के बाल पतले होना।
- वजन बढ़ना या वजन कम करने में परेशानी।
- ओव्यूलेशन में दिक्कत और गर्भधारण करने में परेशानी।
पीएमओएस के खतरों को कैसे कम करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, लाइफस्टाइल और खान-पान में सुधार करके पीएमओएस के खतरों को कम किया जा सकता है।
- संतुलित आहार लें। मीठे पेय व अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें।
- नियमित वॉक, योग या अन्य शारीरिक गतिविधि करें।
- पर्याप्त नींद जरूरी है। तनाव को कंट्रोल करने वाले तरीके अपनाएं।
- पीरियड्स अनियमित हों तो डॉक्टर से सलाह लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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