शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। ये सिर्फ वजन कंट्रोल रखने के लिए ही नहीं, बल्कि ब्लड प्रेशर-शुगर की दिक्कत से बचाए रखने के लिए भी जरूरी है। क्या आप रोजाना वर्कआउट करते हैं, रोजाना जिम जाते हैं? अगर हां तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें वरना आपको फायदे से कहीं ज्यादा नुकसान हो सकता है।
सावधान: अच्छी सेहत के लिए रोज व्यायाम जरूरी, पर ये गलती आपके लिए पड़ सकती है भारी; फिजियोथेरेपिस्ट ने बताया
वार्मअप होता क्या है?
वार्मअप का मतलब होता है, हल्की फिजिकल एक्टिविटी या स्ट्रेचिंग जिससे शरीर को धीरे-धीरे उस स्थिति में लाया जा सके जिसमें वह तेज एक्सरसाइज या वर्कआउट को झेल सके। इसमें 5-10 मिनट की हल्की एक्सरसाइज जैसे जॉगिंग, स्ट्रेचिंग, जंपिंग जैक्स या आर्म रोटेशन शामिल हो सकते हैं।
पर्याप्त वार्मअप करने से मांसपेशियां गरम और लचीली हो जाती है, जिससे चोट लगने की आशंका काफी कम रहती है। इसका दूसरा बड़ा फायदा यह भी है कि मांसपेशियों में रक्त संचार तेज हो जाता है, जिससे मांसपेशियों को ऑक्सीजन और पोषक तत्व अधिक मिलते हैं। इससे वे बेहतर तरीके से काम कर पाती हैं।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अमित अग्रवाल कहते हैं, वार्मअप धीरे-धीरे शुरू करें और फिर धीरे-धीरे इसकी तीव्रता बढ़ाएं। इस दौरान पूरे शरीर का उपयोग करें। यदि आपको कोई दर्द या परेशानी महसूस हो तो वार्मअप न करें और आराम करें।
वर्कआउट से पहले वार्मअप करना आपके लिए कई प्रकार से लाभदायक हो सकता है। नेशनल एकेडमी ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन के अनुसार, वार्मअप मसल्स को धीरे-धीरे खिंचाव के लिए तैयार करता है, जिससे चोट लगने का खतरा कम हो जाता है।
इन फायदों के बारे में भी जानिए
व्यायाम से अधिकतम लाभ प्राप्त करने और व्यायाम के दौरान किसी प्रकार की चोट या खिंचाव से बचाव के लिए तो वार्मअप जरूरी है ही, साथ ही इस एक आदत के और भी कई लाभ हो सकते हैं।
- वार्मअप से शरीर में रक्त प्रवाह बढ़ता है, जिससे मांसपेशियों को अधिक ऑक्सीजन मिलती है। इससे परफॉर्मेंस बेहतर होती है।
- अचानक वर्कआउट शुरू करने से हार्ट रेट तेजी से बढ़ सकता है, लेकिन वार्मअप इसे धीरे-धीरे और सुरक्षित तरीके से बढ़ाता है।
- वार्मअप से जोड़ों में लचीलापन आता है और वे पूरी गति से हिलने के लिए तैयार होते हैं, जिससे एक्सरसाइज प्रभावी होती है।
- फिजियोथेरेपिस्ट बताते हैं, हल्की-फुल्की एक्टिविटी से शरीर धीरे-धीरे सक्रिय होता है, जिससे स्टैमिना बेहतर रहता है और थकान देर से महसूस होती है।
फिजियोथेरेपिस्ट बताते हैं, वार्मअप कोई विकल्प नहीं है बल्कि जरूरी स्टेप है। यह आपके शरीर को आने वाले शारीरिक प्रयासों के लिए तैयार करता है और चोट से बचाव करता है। इसलिए अगली बार जब आप वर्कआउट करने जाएं, तो 10 मिनट का वार्मअप जरूर करें।
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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