हम अपनी दिनचर्या में कई ऐसी चीजें रोजाना जाने-अनजाने करते रहते हैं जिनका शरीर पर कई प्रकार से नकारात्मक असर हो सकता है। प्रोसेस्ड आहार-नमक और चीनी का सेवन हो या फिर धूम्रपान-शराब की आदत, ये सभी हमारी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचाती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इन विषयों पर तो अक्सर चर्चा की जाती रही है पर जिसपर अक्सर लोगों का ध्यान नहीं जाता पर शरीर को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है- वह है युवाओं में स्टेरॉयड्स का बढ़ता इस्तेमाल।
Alert: युवाओं की हड्डियां गला रही है ये चीज, जिम जाने वाले लोग हो जाएं सावधान; गंभीर रोगों का भी बढ़ रहा खतरा
- स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्टेरॉयड का सेवन कम उम्र में गंभीर बीमारियों को जन्म दे रहा है। इससे हड्डियां इतनी कमजोर हो रही हैं कि 20 से 25 वर्ष के युवाओं के लिए भी दिक्कतें बढ़ रही हैं।
स्टेरॉयड के कारण बढ़ रही हैं गंभीर बीमारियां
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्टेरॉयड का सेवन कम उम्र में गंभीर बीमारियों को जन्म दे रहा है। इससे हड्डियां इतनी कमजोर हो रही हैं कि 20 से 25 वर्ष के युवाओं को भी हिप रिप्लेसमेंट की जरूरत पड़ रही है।दरअसल जिम कल्चर की अंधी दौड़ में भारतीय युवा तेजी से स्टेरॉयड के शिकार हो रहे हैं।
ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) दिल्ली के डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यह चलन युवाओं की हड्डियों को गला रहा है और उन्हें कम उम्र में गंभीर बीमारियों की ओर धकेल रहा है।
हड्डियों की बढ़ रही हैं समस्याएं
एम्स दिल्ली के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के डॉक्टरों का कहना है कि स्टेरॉयड के कारण हर महीने हड्डियों के गलने (एवैस्कुलर नेक्रोसिस) के कई नए मामले सामने आ रहे हैं। एम्स के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश मल्होत्रा का कहना है, पिछले दो वर्षों में स्टेरॉयड यूजर्स में एवैस्कुलर नेक्रोसिस के मामले 200% तक बढ़े हैं।
स्टेरॉयड भारत में शेड्यूल-एच दवाओं की श्रेणी में आते हैं और इन्हें डॉक्टर की पर्ची के बिना बेचना अवैध है। इसके बावजूद मेडिकल स्टोर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर ये आसानी से उपलब्ध हैं।
गंभीर बीमारियों का भी बढ़ता जा रहा है जोखिम
डॉक्टर आमतौर पर स्टेरॉयड युक्त दवाओं का इस्तेमाल कुछ बीमारियों में करते हैं जैसे अस्थमा, एलर्जी, गठिया, ऑटोइम्यून बीमारियां आदि। ये दवाइयां शरीर में सूजन कम कर देती हैं और दर्द में राहत देती हैं। लेकिन लंबे समय तक और जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने पर ये हानिकारक भी हो सकती हैं।
स्टेरॉयड का सबसे बड़ा नुकसान हड्डियों पर होता है। हड्डियां एक तरह की जीवित संरचना हैं जिन्हें मजबूत और स्वस्थ रहने के लिए कैल्शियम, विटामिन डी और हार्मोन की जरूरत होती है। स्टेरॉयड लंबे समय तक लेने से शरीर कैल्शियम को ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता। इससे हड्डियों में जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो जाती है और हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं।
स्टेरॉयड्स का शरीर पर दुष्प्रभाव
हड्डियों के अलावा स्टेरॉयड शरीर की कई अन्य प्रक्रियाओं पर बुरा असर डालते हैं। सबसे पहले, ये इम्यून सिस्टम को दबा देते हैं जिससे शरीर संक्रमण से लड़ने में कमजोर हो जाता है। यानी आप जल्दी बीमार पड़ सकते हैं। दूसरा, ये शरीर में पानी और नमक को रोक कर रख सकते हैं, जिससे सूजन, हाई ब्लड प्रेशर और वजन बढ़ सकता है।
स्टेरॉयड्स का अधिक इस्तेमाल मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है जिसके कारण चिंता, चिड़चिड़ापन, नींद की समस्या और डिप्रेशन जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर यह हार्मोनल असंतुलन पैदा कर सकते हैं। पुरुषों में हार्मोन घटने से कमजोरी और महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता देखने को मिलती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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