आपने भी ये कहावत जरूर सुनी होगी, 'पेट ठीक तो स्वास्थ्य ठीक'। मतलब अगर पाचन स्वास्थ्य पर ध्यान दे लिया जाए तो इससे संपूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखा जा सकता है। पाचन स्वस्थ रखने के लिए गट हेल्थ का ठीक रहना जरूरी है और गट हेल्थ ठीक रहे इसके लिए जरूरी है कि आंतों में मौजूद स्वस्थ बैक्टीरिया बढ़ें और अपना काम ठीक तरीके से करते रहें।
सेहत की बात: क्या होते हैं प्रोबायोटिक्स, जिसे अच्छे पाचन के लिए माना जाता है सबसे जरूरी? आप भी जानिए
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, प्रोबायोटिक्स वे जीवित सूक्ष्मजीव हैं जो मानव शरीर में संतुलन बनाकर स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं।
प्रोबायोटिक्स हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए जरूरी
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, प्रोबायोटिक्स वे जीवित सूक्ष्मजीव हैं जो मानव शरीर में संतुलन बनाकर स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं। हमारे शरीर के भीतर ट्रिलियनों सूक्ष्मजीव रहते हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से गट माइक्रोबायोटा कहा जाता है। यह माइक्रोबायोटा पाचन, पोषण अवशोषण, रोग प्रतिरोधक क्षमता, और मानसिक स्वास्थ्य में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
पाचन को ठीक रखने के लिए जरूरी हैं प्रोबायोटिक्स
अध्ययनों से पता चलता है कि अनुचित आहार, तनाव और एंटीबायोटिक्स के बढ़ते इस्तेमाल के चलते आंतो में मौजूद इन स्वस्थ बैक्टीरिया को नुकसान हो रहा है। यही कारण है कि लोगों में गैस, अपच, दस्त, कब्ज, और कई प्रकार की आंत की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
हार्वर्ड हेल्थ जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट से पता चलता है कि अगर आप नियमित रूप से प्रोबायोटिक्स वाली चीजों का सेवन करते हैं तो इससे इरिटेबल बाउल सिंड्रोम और इंफ्लेमेटरी बॉउल डिजीज जैसी पेट की बीमारियों का खतरा कम हो सकता है।
जिन लोगों को अक्सर गैस, सूजन, कब्ज और अपच की समस्या रहती है उनको आहार में प्रोबायोटिक्स की मात्रा बढ़ाने की सलाह दी जाती है।
इन फायदों को भी जानिए
प्रोबायोटिक्स सिर्फ पाचन को ठीक रखने के लिए ही नहीं, शरीर के लिए और भी कई प्रकार से लाभकारी है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाने में भी इससे लाभ मिलता है।
जर्नल फ्रंटियर में प्रकाशित एक अध्ययन की रिपोर्ट से पता चलता है कि प्रोबायोटिक्स शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बेहतर करते हैं, जिससे वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।
- प्रोबायोटिक्स श्वसन संक्रमण और एलर्जी से बचाव में सहायक पाए गए हैं।
- अवसाद और चिंता को कम करने में भी प्रोबायोटिक्स वाली चीजें फायदेमंद मानी जाती हैं।
- प्रोबायोटिक्स त्वचा की समस्याएं और एक्जिमा को कम करने में भी लाभकारी मानी जाती हैं।
प्रोबायोटिक्स के लिए किन चीजों का करें सेवन?
प्रोबायोटिक्स वाली चीजों को आहार में शामिल करके गुड बैक्टीरिया को बढ़ा सकते हैं।
दही, छाछ, फर्मेंटेड खाद्य पदार्थ (जैसे इडली, डोसा, किमची) और कुछ प्रकार के सप्लीमेंट्स को शामिल किया जा सकता है। हालांकि इस बात का ध्यान रखें कि आहार के माध्यम से प्रोबायोटिक्स प्राप्त करना ज्यादा अच्छा रहता है।
प्रोबायोटिक्स हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं हो सकते, विशेषकर जिनकी इम्युनिटी कमजोर हो। इसलिए किसी भी चीज के अधिक सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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