साल 2019 के आखिरी के महीनों में शुरू हुई कोरोना महामारी अब भी थमी नहीं है। भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संक्रमण के मामले इन दिनों कम हैं, पर कोरोना अभी गया नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को इसके जोखिमों को लेकर सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। यूएस-यूके सहित कई देशों में अब भी कई वैरिएंट्स न सिर्फ सक्रिय हैं बल्कि हर हफ्ते दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोगों की संक्रमण के कारण मौत भी हो रही है।
Covid-19: कोरोना से अब भी हर हफ्ते 1700 लोगों की ही रही है मौत, विशेषज्ञों ने सभी लोगों से की ये जरूरी अपील
कोरोना के नए वैरिएंट्स का खतरा
मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कोरोना का नया वैरिएंट FLiRT कई देशों में तेजी से फैल रहा है। ओमिक्रॉन के कई सब-वैरिंट्स लगातार मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। कोरोना के स्पाइक प्रोटीन में बदलाव के साथ नए वैरिएंट्स का जोखिम बना हुआ है।
सार्स-सीओवी-2 वायरस की सतह पर पाया जाने वाला स्पाइक प्रोटीन, वायरस को मानव कोशिकाओं से जुड़ने में मदद करता है। ये सब-वैरिएंट वायरस के आनुवंशिक कोड में उत्परिवर्तन से उत्पन्न होते हैं। ओमिक्रॉन जैसे वैरिएंट और इसके सब-वैरिएंट्स के कारण पिछले एक साल से अधिक समय से कई देशों में संक्रमण देखा जा रहा है।
क्या कहते हैं डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक?
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेस ने कहा कई देशों में जारी कोरोना के खतरे के लिए टीकाकरण कवरेज में गिरावट एक बड़ा कारण हो सकती है।
कोविड के नए वैरिएंट्स के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हर नए उत्परिवर्तन के साथ, इस वायरस की प्रतिरक्षा से बचने की क्षमता और इसके संक्रमण की दर भी बढ़ जाती है। नए वैरिएंट्स की यही क्षमता कोरोना के जोखिमों और संक्रमण के मामलों के बढ़ने के लिए कारण हो सकती है। एक और वैक्सीन नए वैरिएंट्स के कारण होने वाले जोखिमों से बचाने में सहायक हो सकती है।
एक और बूस्टर वैक्सीन लेने की सलाह
इससे पहले द न्यूयार्क टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट में सीडीसी कहा था कि, अधिकांश अमेरिकियों ने बार-बार संक्रमण या वैक्सीनेशन, या फिर दोनों से कोरोनावायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा हासिल कर ली है। हालांकि अध्ययनों में देखा गया है कि टीके केवल कुछ महीनों तक ही प्रभावी रहते हैं और समय के साथ इनकी प्रभाविकता कम हो जाती है। इस जोखिम को कम करने के लिए सभी लोगों को अपडेटेड कोविड शॉट्स लेने की जरूरत है।
सीडीसी की निदेशक डॉ. मैंडी कोहेन ने वैज्ञानिकों की सर्वसम्मत सलाह को स्वीकार करते हुए टीकाकरण के एक और डोज की सिफारिश की है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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