वैश्विक स्तर पर कोरोना की तफ्तार फिलहाल काफी नियंत्रित लग रही है, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी अब इसे 'ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी' की सूची से बाहर कर दिया है। हालांकि पिछले दिनों यूएस सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने वैश्विक स्तर पर एक और गंभीर स्वास्थ्य समस्या को लेकर चिंता जताते हुए लोगों को अलर्ट किया है। सीडीसी विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ देशों ने हाल में मंकीपॉक्स संक्रमण के मामलों के बढ़ने की सूचना दी है, जिसकी रोकथाम के लिए प्रयास किए जाने आवश्यक हैं। गौरतलब है कि कोविड की लहर के दौरान मंकीपॉक्स के मामले अचानक से बढ़ते हुए रिपोर्ट किए गए थे।
Health Alert: कम होते कोविड-19 के बीच, बढ़ रही एक बड़ी चिंता, सीडीसी ने इस जानलेवा संक्रमण को लेकर किया सावधान
CDC is working with local and state health departments to investigate new mpox cases, some of which occurred in people who were vaccinated. Infection after vaccination is possible, but getting the two-dose vaccine makes getting it less likely.
कई नए मामलों की पुष्टि
मंकीपॉक्स के जोखिमों को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की यूरोप शाखा ने इलीमिनेट एमपॉक्स नाम से एक कैंपेन चलाया है। जिसमें टीकाकरण और बचाव को लेकर लोगों को अलर्ट करने पर जोर दिया जा रहा है।
वहीं सीडीसी के मुताबिक शिकागो में संक्रमण के 13 नए मामले सामने आए हैं। नौ का टीकाकरण हो चुका था। हालांकि अच्छी बात ये है कि इन 13 लोगों में से कोई भी अस्पताल में भर्ती नहीं है।
26 अप्रैल से आठ राज्यों में 60 मामले सामने आए हैं। अधिकारियों के मुताबिक टीकाकरण के बाद संक्रमण संभव है, लेकिन जिन लोगों ने दो-खुराक वाला टीका लगवाया है उनमें संक्रमण की आशंका और रोग की गंभीरता का जोखिम कम हो जाता है। फिलहाल जिन लोगों में संक्रमण का पता चला है कि उनमें डॉक्टरों को लक्षणों का परीक्षण करना चाहिए, चाहे उन्हें टीका लगाया गया हो या नहीं।
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सीडीसी ने टीकाकरण पर दिया जोर
वैश्विक स्तर पर पिछले साल ही मंकीपॉक्स संक्रमण के कारण लोगों में गंभीर रोग और मृत्यु का खतरा देखा गया था, जिसके बाद में प्रभावित देशों में टीकाकरण की दर बढ़ा दी गई थी। अधिकारियों का कहना है, टीकाकरण करवाना बहुत महत्वपूर्ण है। कोई भी टीका 100% प्रभावी नहीं है और टीकाकरण के बाद भी संक्रमण संभव है, लेकिन इसका लाभ ये है कि संक्रमण के कारण रोग गंभीर रूप नहीं लेता है और अस्पताल में भर्ती होने की आशंका कम हो सकती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम-घेब्रेयसस ने कहा कुछ मामलों को छोड़ दिया जाए तो वैश्विक स्तर पर मंकीपॉक्स की संक्रमण कम हो रहा है। हम जानते हैं कि वायरस कुछ समुदायों और देशों में फैलता रहता है जैसे कि पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में इसका अधिक प्रकोप रहा है। ऐसे देशों में यात्रा-संबंधी मामलों की देखरेख और समय पर जांच जरूरी है।
मंकीपॉक्स जानलेवा संक्रमण है
एमपॉक्स या मंकीपॉक्स रोग, मंकीपॉक्स वायरस के कारण होने वाला एक संक्रामक रोग है। इसमें त्वचा पर बड़े-बड़े छाले होने का साथ लिम्फ नोड्स में सूजन और बुखार की समस्या हो सकती है। पहले यह वायरस अफ्रीकी देशों में अधिक देखा जाता था पर पिछले कुछ वर्षों से इसके मामले दुनियाभर में बढ़े हैं। भारत में भी कोरोना संक्रमण के दौरान पहली बार इसके मामले रिपोर्ट किए गए थे, हालांकि अब देश में इसके एक भी मरीज नहीं हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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