पूरे दिनभर के भोजन में सुबह के नाश्ते को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को सुबह के समय नाश्ते में पौष्टिक चीजों, फलों, नट्स और अंडों को शामिल करने की सलाह देते हैं। रात के 8-10 घंटे खाली पेट होने के बाद दिन की शुरुआत में आपके शरीर को काम करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है, इसके अलावा सुबह के समय मेटाबलिज्म भी सबसे अधिक सक्रिय होता है, इसलिए इस समय जितनी पौष्टिक चीजों का सेवन करेंगे शरीर को इससे उतना लाभ मिलता है।
Morning Habits: इन चीजों के साथ न करें दिन की शुरुआत, स्वस्थ रहना है तो आज से ही नाश्ते में करें बदलाव
कॉफी या चाय पीने की आदत खराब
अगर आप भी अपने दिन की शुरुआत चाय कॉफी जैसी कैफीन वाली चीजों के साथ करते हैं तो सावधान हो जाइए, स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे सेहत के लिए हानिकारक मानते हैं। सुबह सबसे पहले कॉफी पीने से कोर्टिसोल का स्तर बढ़ सकता है इसके अलावा ये हार्मोन असंतुलन का भी कारण बन सकती है। खाली पेट चाय पीने से एसिडिटी होने का भी खतरा रहता है।
फलों के जूस का न करें सेवन
भले ही फलों के सेवन को कई प्रकार से सेहत के लिए लाभकारी माना जाता रहा है पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सुबह के समय फलों के जूस का सेवन न करने की सलाह देते हैं। फलों के जूस में पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, लेकिन इसमें चीनी की मात्रा भी अधिक हो सकती है, जिसका मतलब है कि ये आपके पेट को भरने के लिए पर्याप्त नहीं है। सुबह पौष्टिक और भरपेट नाश्ता के कुछ घंटों बाद आप चाहें तो इसका सेवन कर सकते हैं।
फास्ट-फूड या बेक्ड आइटम
फास्ट-जंक फूड्स का सेवन करना सेहत के लिए कई प्रकार से दुष्प्रभावों वाला माना जाता है, अगर आप नाश्ते में इसका सेवन करते हैं तो इसके कारण सेहत पर नकारात्मक असर होने का खतरा हो सकता है। नाश्ते में सैंडविच या सॉसेज, हैश ब्राउन आदि में कैलोरी, वसा और प्रोसेस्ड कार्ब्स की अधिकता होती है, ये शरीर के लिए कई प्रकार से नुकसानदायक हो सकते हैं।
व्हाइट ब्रेड के हो सकते हैं नुकसान
व्हाइट ब्रेड या इससे बनी हुई चीजें सेहत के लिए हानिकारक हो सकती हैं, ये स्वास्थ्य के लिए आदर्श विकल्प नहीं है। सफेद ब्रेड में बहुत कम पोषण होता है और ये हमारे पाचन तंत्र के लिए और भी खराब हो सकते हैं। इसके अलावा ब्रेड ज्यादातर मैदे से तैयार किए जाते हैं जिसके कारण इससे पाचन के साथ-साथ शुगर लेवल और मोटापा बढ़ने का भी खतरा रहता है। व्हाइट ब्रेड की जगह ग्रेन या ब्राउन ब्रेड का सेवन किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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