डॉ. परवेश मलिक
फिजिशियन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एमडी (जनरल मेडिसिन)
Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
अमूमन आपने देखा होगा कि लोग अपने घरों में कुत्ते पालते हैं, क्योंकि ये एक पालतू जानवर है। लेकिन हम ये नहीं भूल सकते कि ये जानवर हमें रेबीज जैसी बीमारी का भी शिकार बना सकता है। दरअसल, जब कोई कुत्ता किसी व्यक्ति को काटता है, तो ऐसे में अगर कुत्ता पहले से रेबीज बीमारी का शिकार हो, तो वो उस व्यक्ति को भी रेबीज कर सकता है। रेबीज को हाइड्रोफोबिया भी कहा जाता है। ऐसे में अगर कुत्ते के काटने पर लापरवाही बरती जाए या फिर समय रहते डॉक्टर के पास जाकर अपना इलाज न करवाया जाए, तो ऐसे में ये काफी घातक हो सकता है। इसलिए हमें ये समझना जरूरी है कि कुत्ते के काटने के बाद किन बातों का ख्याल रखें। तो चलिए आपको उन तीन बातों के बारे में बताते हैं, जिनका ख्याल आपको जरूर रखना चाहिए।
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कुत्ते के काटने पर इन तीन बातों का ध्यान रखें
- फोटो : pixabay
क्या है रेबीज?
- दरअसल, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक, रेबीज लाइसो वायरस या विषाणु द्वारा होती है और ये ज्यादातर कुत्तों के काटने से ही होती है। लेकिन ये बीमारी बंदर, सियार, भेड़िया, सूअर, बिल्ली आदि के काटने से भी हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति रेबीज जैसी बीमारी की चपेट में आता है, तो उसकी मौत की संभावना काफी ज्यादा होती है।
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कुत्ते के काटने पर इन तीन बातों का ध्यान रखें
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ये तीन काम करना न भूलें:-
घाव खुला रखें
- कई बार देखा जाता है कि जब किसी को कुत्ता काटता है, तो वहां घाव बन जाता है और लोग उस घाव पर कपड़ा बांध देते हैं, जो कि गलत है। भूलकर भी आपको घाव वाली जगह पर कपड़ा नहीं बांधना चाहिए।
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कुत्ते के काटने पर इन तीन बातों का ध्यान रखें
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साबुन से धोएं
- अगर आपको किसी कुत्ते ने काटा है, तो आपको इस बात का ध्यान रखना है कि आपको घाव वाले हिस्से को साबुन से धो लेना चाहिए। ऐसा करने से आपको लाभ मिल सकता है।
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कुत्ते के काटने पर इन तीन बातों का ध्यान रखें
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पहले 24 घंटे सबसे खास
- आपको सबसे जरूरी इस बात का ध्यान रखना है कि पहले 24 घंटे के अंदर तुरंत किसी डॉक्टर को दिखाएं और कुत्ते से कोई इंफेक्शन आपके शरीर में न फैले। इसके लिए आपको पहला इंजेक्शन जरूर लगवा लेना चाहिए।
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
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