पिछले दो साल से अधिक समय से दुनियाभर में जारी कोविड-19 के कारण लोगों को कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। हल्का बुखार, लगातार खांसी, थकान के साथ स्वाद-गंध न आने जैसे लक्षणों को भी इसका प्रमुख संकेत माना जाता रहा है। मेडिकल की भाषा में स्वाद और गंध न आने की स्थिति को 'एनोस्मिया' के नाम से जाना जाता है। कोरोना के दौरान एनोस्मिया के मामलों को काफी सामान्य माना जा रहा है, कुछ लोगों में संक्रमण की समस्या ठीक हो जाने के बाद भी लॉन्ग कोविड के रूप में यह दिक्कत देखी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, विशेषकर डेल्टा वैरिएंट से संक्रमितों में इस तरह की दिक्कत अधिक देखने को मिल रही थी, संक्रमण के साथ-साथ यह दिक्कत भी अमूमन ठीक हो जाती है।
ध्यान दें: सिर्फ कोविड-19 ही नहीं, इन स्थितियों में भी हो सकती है गंध न आने की समस्या, जानिए इसके कारण
क्यों होती है गंध न आने की दिक्कत?
गंध की क्षमता को प्रभावित करने वाले कारकों को जानने से पहले इसके कारणों को जानना जरूरी है। अमर उजाला से बातचीत में डॉ सौरभ अवस्थी बताते हैं, कोरोना संक्रमण की स्थिति में वायरस शीघ्रता से खुद को तंत्रिका तंत्र से जोड़ लेता है, जो धीर-धीरे ओल्फेक्ट्री नर्व में जाने लगता है। ओल्फेक्ट्री नर्व्स, नाक के ऊपरी हिस्से में मौजूद होती हैं और गंध की संवेदनाओं को मस्तिष्क तक पहुंचाने का काम करती हैं। इसके प्रभावित होने से गंध न आने की समस्या हो सकती है। आइए उन कारकों के बारे में भी जानते हैं जो इस क्षमता पर असर डाल सकते हैं?
सामान्य सर्दी या फ्लू का संक्रमण
कोरोना की ही तरह कॉमन कोल्ड और फ्लू जैसे संक्रमण की स्थिति में भी आपके गंध की क्षमता प्रभावित हो सकती है। असल में ये वायरस भी श्वसन पथ को संक्रमित करते हैं, जिससे एनोस्मिया की समस्या हो सकती है। जिन लोगों को एलर्जी या क्रोनिक साइनस की दिक्कत होती है, उनमें भी गंध न आने की समस्या कुछ समय तक बनी रह सकती है। इन स्थितियों में श्वसन पथ में ब्लॉकेज हो जाता है जिससे गंध का अनुभव कराने वाली ग्रंथियों तक संवेदना नहीं पहुंच पाती है।
नेजल पॉलिप्स
नेजल पॉलिप्स भी ऐसी ही एक स्थिति है जिसके कारण लोगों को गंध न आने का अनुभव हो सकता है। इस स्थिति में नाक में गैर-कैंसर कारक मांस बढ़ जाता है, जो श्वसन पथ और संवेदनाओं का अनुभव कराने वाली ग्रंथियों के बीच रुकावट का कारण बन सकती है। क्रोनिक एलर्जी या कुछ प्रतिरक्षा विकारों के परिणामस्वरूप नेजल पॉलिप्स की समस्या हो सकती है। इसका समय रहते इलाज कराया जाना चाहिए।
सिर में चोट के कारण जा सकती है संवेदना
सिर/मस्तिष्क की गंभीर चोट के बाद भी गंध की संवेदना जाने की समस्या हो सकती है। असल में मस्तिष्क के कुछ हिस्से ऑलफेक्ट्री सिस्टम से जुड़े होते हैं। यह गंध का अनुभव कराने वाले तंत्र होते हैं। चोट की स्थिति में इन तंत्रिकाओं में होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति के कारण एनोस्मिया की समस्या हो सकती है। गंभीर चोट की स्थिति में गंध न आने की समस्या लंबे समय तक भी बनी रह सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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