किडनी स्टोन, दैनिक आहार में गड़बड़ी के कारण होने वाली समस्या है, साल 2019 के आंकड़ों के अनुसार करीब 115 मिलियन लोगों में इस साल समस्या का निदान किया गया। किडनी स्टोन, किडनी में मिनरल्स और सॉल्ट एकत्रित होने के कारण होने वाली समस्या है, जो काफी दर्दकारक और असहज स्थिति हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, किडनी में स्टोन होने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें आहार में गड़बड़ी, शरीर का वजन बढ़ना, कुछ चिकित्सीय स्थितियां और कम पानी पीना प्रमुख कारण माना जाता रहा है।
जानना जरूरी: कम पानी पीने से हो सकता है किडनी स्टोन, इस तरह के आहार भी बढ़ा सकते हैं जोखिम
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कम पानी पीते हैं तो हो सकता है खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, किडनी में स्टोन बनना सीधे तौर पर तरल पदार्थों या शरीर में पानी की कमी से जुड़ा हुआ है। यह गुर्दे की पथरी बनने के सबसे आम कारणों में से एक है। कम तरल पदार्थों के सेवन से मूत्र का निर्माण कम होता है जिसके कारण मूत्र गाढ़ा होने लगता है। इससे किडनी में स्टोन बनाने वाले पदार्थों की अधिकता हो सकती है।
यदि किडनी की पथरी आपके मूत्रमार्ग में फंस जाती है, तो यह मूत्र के प्रवाह को अवरुद्ध कर सकती है जिससे किडनी में सूजन और कई गंभीर प्रकार की समस्याओं का भी खतरा रहता है। आइए जानते हैं कि पानी की कमी के अलावा और किन कारणों से किडनी स्टोन की समस्या हो सकती है?
इन चीजों के सेवन को लेकर भी बरतें सावधानी
आहार में कुछ प्रकार की चीजें या फिर प्रोटीन, सोडियम (नमक) और चीनी से भरपूर चीजों का अधिक मात्रा में सेवन करना भी किडनी की पथरी का खतरा बढ़ा सकता है। अधिक मात्रा में सोडियम वाले आहार के कारण जोखिम अधिक हो सकता है। पालक, बैंगन जैसे ऑक्सालेट से भरपूर अधिकांश खाद्य पदार्थों के अलावा कुछ प्रकार के सप्लीमेंट्स के कारण भी किडनी में स्टोन की समस्या होने का जोखिम बढ़ सकता है।
मोटापे के शिकार हैं तो भी खतरा
अधिक वजन को पहले भी कई प्रकार की समस्याओं जैसे हृदय रोग, डायबिटीज और अन्य क्रोनिक बीमारियों से जोड़कर देखा जाता रहा है, ये किडनी में स्टोन की समस्या को भी बढ़ाने वाली स्थिति हो सकती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि हाई बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई), कमर पर अधिक चर्बी होने की समस्या भी किडनी में स्टोन बनने का कारण हो सकती है। वजन कंट्रोल करना आपको कई तरह की बीमारियों से बचाने में सहायक हो सकती है।
पाचन रोग और सर्जरी
गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी, आंतों में सूजन की समस्या या क्रोनिक डायरिया जैसी बीमारियों के कारण भी किडनी की सामान्य प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। ऐसी स्थिति में किडनी ठीक तरीके से अपशिष्टों को फिल्टर नहीं कर पाती है। अगर इस तरह की बीमारियों के शिकार हैं तो किडनी की सेहत का ख्याल रखना आवश्यक हो जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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