किडनी (गुर्दे) हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक हैं। ये शरीर से विषैले पदार्थों (टॉक्सिन्स) और अतिरिक्त तरल पदार्थ को बाहर निकालने का काम करते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण वैसे तो संपूर्ण स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर होता है पर ये कम उम्र के लोगों में किडनी से संबंधित जानलेवा दुष्प्रभावों को बढ़ाती जा रही है।
Kidney Problem: ये गलतियां करते हैं तो किडनी से धो बैठेंगे हाथ, जानिए किडनी को हेल्दी रखने के लिए क्या करें
किडनी से संबंधित बीमारियां एक गंभीर समस्या है, लेकिन सही जीवनशैली और समय पर पहचान से इसे रोका जा सकता है। यदि आप हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या अन्य जोखिम कारकों से परेशान हैं तो सावधान हो जाइए, इससे किडनी को नुकसान हो सकता है।
किडनी डिजीज या किडनी फेलियर का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, किडनी से संबंधित बीमारियां अगर शुरुआती चरण में न पहचानी जाएं, तो यह क्रॉनिक किडनी डिजीज या किडनी फेलियर का भी कारण बन सकती हैं। इसके जानलेवा दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।
द लैंसेंट में साल 2020 में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में 85 करोड़ लोग किसी न किसी प्रकार की किडनी बीमारी से ग्रसित हैं। यदि किडनी 90% तक काम करना बंद कर दें तो डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की आवश्यकता हो सकती है। इतना ही नहीं क्रॉनिक किडनी डिजीज से पीड़ित लोगों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में 2-4 गुना अधिक होता है।
किडनी रोगों की मुख्य वजह क्या हैं?
अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार, टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों में किडनी फेलियर का खतरा 3 गुना अधिक होता है। असल में जब रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है, तो किडनी पर अधिक दबाव पड़ता है और वह धीरे-धीरे कमजोर हो जाती है। इसी तरह से 60% किडनी फेलियर के मामले हाई ब्लड प्रेशर से संबंधित होते हैं। उच्च रक्तचाप के कारण किडनी की रक्त वाहिकाएं संकरी या क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिससे किडनी का रक्त संचार बाधित होता है।
न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन की रिपोर्ट के अनुसार, लंबे समय तक खुद से ही इन दवाओं के इस्तेमाल के कारण भी किडनी की समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।
धूम्रपान से तुरंत बना लें दूरी
धूम्रपान का नकारात्मक असर संपूर्ण स्वास्थ्य पर हो सकता है, पर इस आदत के कारण किडनी को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचने का खतरा हो सकता है। धूम्रपान आपके दिल और रक्त वाहिकाओं (कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम) को नुकसान पहुंचती है, जिससे किडनी में रक्त का प्रवाह बाधित हो सकता है।
रक्त प्रवाह में होने वाली समस्याओं का जोखिम किडनी की सेहत के लिए भी बहुत हानिकारक माना जाता है। किडनी सहित संपूर्ण सेहत को ठीक रखने के लिए धूम्रपान से दूरी बनाकर रखने की सलाह दी जाती है।
ब्लड प्रेशर और शुगर को कंट्रोल में रखना जरूरी
कई अध्ययनों में इस बात को लेकर चिंता जताई जाती रही है कि युवा आबादी में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ती जा रही है। समय के साथ उच्च रक्तचाप आपके पूरे शरीर में रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाने लगता है, इससे किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंगों में रक्त की आपूर्ति कम हो जाती है। उच्च रक्तचाप के कारण आपकी किडनी में मौजूद छोटी फिल्टरिंग इकाइयां भी क्षतिग्रस्त होने लग जाती हैं जिससे किडनी का सामान्य कार्य बाधित होने लगता है।
इसी तरह से शुगर को कंट्रोल रखना भी किडनी को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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