Dark Circles Under Eyes: क्या आपकी आंखों के नीचे भी काले धब्बे हो गए हैं? ये समस्या काफी आम है। अक्सर लोग इसे थकान, नींद की कमी या तनाव का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन हकीकत इससे कहीं गंभीर हो सकती है। मेडिकल रिपोर्ट्स बताते हैं कि आंखों के नीचे काला पड़ना यानी डार्क सर्कल्स सिर्फ आपके लुक की समस्या नहीं, बल्कि कई बार यह शरीर के अंदर छिपे असंतुलन का संकेत भी हो सकता है।
Dark Circles: आपकी आंखों के नीचे भी हो गए हैं काले धब्बे? न करें अनदेखा, गंभीर बीमारियों का हो सकता है संकेत
- मेडिकल रिपोर्ट्स बताते हैं कि आंखों के नीचे काला पड़ना यानी डार्क सर्कल्स सिर्फ आपके लुक की समस्या नहीं, बल्कि कई बार यह शरीर के अंदर छिपे असंतुलन का संकेत भी हो सकता है।
- कुछ स्थितियों में ये धब्बे लिवर, किडनी या थायरॉइड से जुड़ी परेशानियों का भी शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
डार्क सर्कल्स की समस्या
अमर उजाला से बातचीत में त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ श्रुति अस्थाना बताती हैं, हमारी आंखों के नीचे की त्वचा बहुत पतली और संवेदनशील होती है। जब उसमें खून का प्रवाह ठीक से नहीं होता या वहां की कोशिकाओं को ऑक्सीजन कम मिल पाता है, तो वह हिस्सा गहरा दिखाई देने लगता है। नींद की कमी, हाई स्क्रीन टाइम, पोषण की कमी, डिहाइड्रेशन, एलर्जी या कुछ प्रकार के हार्मोनल बदलावों को इस समस्या का कारण माना जाता है।
कुछ स्थितियों में ये धब्बे लिवर, किडनी या थायरॉइड से जुड़ी परेशानियों का भी शुरुआती संकेत हो सकते हैं इसलिए इन्हें अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।
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आंखों के नीचे काला पड़ना
डॉक्टर बताती हैं, आंखों के नीचे काला पड़ना कई बार शरीर की भीतरी समस्या का लक्षण भी हो सकता है। एनीमिया (खून की कमी) से पीड़ित लोगों में अक्सर यह समस्या देखी है क्योंकि इसमें शरीर के सभी हिस्सों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और आंखों के नीचे की पतली त्वचा गहरी दिखाई देने लगती है।
इंडियन जर्नल ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, डार्क सर्कल्स का सीधा संबंध लाइफस्टाइल और स्वास्थ्य विकारों से हो सकता है, इसलिए इसे केवल त्वचा की समस्या समझकर अनदेखा करना सही नहीं है।
किन बीमारियों के कारण होती है डार्क सर्कल्स की समस्या?
जिन लोगों की नींद अक्सर पूरी नहीं होती है या फिर तनाव बना रहता है उनमें आंखों के नीचे काला होने की दिक्कत अधिक देखी जाती है। डॉक्टर बताते हैं, रोजाना 6 घंटे से कम सोने वाले लोगों में डार्क सर्कल्स की समस्या दोगुनी होती है।
- इसके अलावा लंबे समय तक मोबाइल/कंप्यूटर के इस्तेमाल से नसों पर दबाव पड़ता है और त्वचा काली दिखने लगती है।
- आयरन और विटामिन बी12 की कमी से भी डार्क सर्कल्स की समस्या बढ़ जाती है।
अगर आपको काफी समय से डार्क सर्कल्स की दिक्कत है तो डॉक्टर की सलाह से एक बार थायरॉइड की भी जांच करा लें। हाइपोथायरायडिज्म की समस्या में भी इसे एक लक्षण माना जाता है। इसी तरह से क्रॉनिक या गंभीर लिवर रोगों में खून ठीक से साफ नहीं हो पाता है जिसके कारण भी त्वचा में परिवर्तन और डार्क सर्कल्स जैसी समस्या हो सकती है।
डार्क सर्कल्स से बचाव कैसे किया जाए?
डॉक्टर कहते हैं, डार्क सर्कल्स से बचाव के लिए लाइफस्टाइल में सुधार और सही खानपान सबसे प्रभावी उपाय माने जाते हैं।
- हर दिन कम से कम 7-8 घंटे सोना जरूरी है। नींद न सिर्फ आंखों की थकान कम करती है बल्कि त्वचा को स्वस्थ भी रखती है।
- डिहाइड्रेशन डार्क सर्कल्स को और गहरा बना देता है। इसलिए दिनभर में 2–3 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए।
- आयरन, विटामिन-सी, विटामिन-के और बी-12 से भरपूर आहार लेने से खून की कमी दूर होती है और त्वचा स्वस्थ रहती है।
- स्क्रीन टाइम कम करना भी आपके लिए जरूरी है। बहुत ज्यादा या बहुत पास से मोबाइल देखने से बचें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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