हृदय रोगों का जोखिम वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। विशेषकर कोरोना महामारी के बाद यह बड़े खतरे के तौर पर उभरी समस्या है, लिहाजा अब कम उम्र के लोग भी सडेन हार्ट अटैक के शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बढ़ते हृदय रोगों के लिए कई कारकों को जिम्मेदार मान रहे हैं, जिसमें लाइफस्टाइल का गड़बड़ी और खान-पान से संबंधित समस्याएं प्रमुख हैं।
बड़ी चिंता: GEN-Z वाले लोगों में बढ़ रहा हृदय रोगों का जोखिम, डॉक्टर ने बताए इसके दो कारण, सभी करें बचाव
क्यों बढ़ती जा रही है हृदय रोगों की समस्या?
कम उम्र में हृदय रोगों का खतरा क्यों बढ़ता जा रहा है, इसके क्या प्रमुख जोखिम कारक हो सकते हैं, इस बारे में समझने के लिए हमने पुणे स्थिति वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ नरोत्तम एम. शर्मा से संपर्क किया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कम उम्र के लोगों में हृदय रोगों के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। जहां तक बात GEN-Z समूह की आती है उनमें कार्डियोवैस्कुलर समस्याओं का बढ़ना गंभीर सूचक है। आमतौर पर इसके लिए दो कारणों को जिम्मेदार माना जा रहा है।
पहला- मोटापा या अधिक वजन के कारण बढ़ गया है जोखिम
बचपन और किशोरावस्था में मोटापा या अधिक बीएमआई की समस्या का सिर्फ हृदय रोग ही नहीं और एथेरोस्क्लोरोटिक प्रॉसेस, ब्लड प्रेशर, मेटाबोलिक सिंड्रोम, टाइप-2 डायबिटीज का भी कारण बन सकती है। टीन ऐज या फिर युवाओं में हार्ट अटैक के मामले वैसे तो पहले काफी दुर्लभ रहे हैं, पर अब इसका जोखिम अधिक देखा जा रहा है।
अतिरिक्त वजन के कारण आपकी धमनियों (रक्त वाहिकाएं जो आपके अंगों तक रक्त ले जाती हैं) में वसायुक्त पदार्थ जमा हो सकता है। इसके कारण हृदय तक रक्त पहुंचना कठिन हो जाता है जिसके कारण हृदय रोगों का जोखिम हो सकता है।
दूसरा- कम उम्र में ही बढ़ रही है ब्लड प्रेशर की समस्या
युवाओं-वयस्कों में ब्लड प्रेशर की समस्या भी मोटापे और लाइफस्टाइल की खराबी से संबंधित मानी जाती है। ब्लड प्रेशर बढ़ने से युवाओं में भी उसी प्रकार से हृदय की सेहत को खतरा रहता है जैसा कि वयस्कों और बुजुर्गों में। उच्च रक्तचाप के कारण धमनियों का लोच कम हो सकता है जिससे हृदय में रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है और यह हृदय रोगों का कारण बन सकती है।
टीनएज और युवा बरतें विशेष सावधानी
डॉ नरोत्तम कहते हैं, सभी लोगों को हृदय रोगों से बचाव के लगातार उपाय करते रहना चाहिए। चूंकि अब इसका खतरा कम आयु के लोगों में भी देखा जा रहा है इसलिए बचपन से ही हृदय स्वास्थ्य पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके लिए सबसे आवश्यक है कि आप मोटापे को कम करें।
शारीरिक निष्क्रियता न सिर्फ मोटापे को बढ़ा देती है साथ ही इसके कारण हृदय रोगों का जोखिम भी काफी बढ़ जाता है इसलिए आवश्यक है कि हम सभी लाइफस्टाइल-आहार और शारीरिक सक्रियता पर गंभीरता से ध्यान दें। हृदय रोगों से बचाव के लिए यह बहुत आवश्यक है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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