फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बड़ी चिंता: GEN-Z वाले लोगों में बढ़ रहा हृदय रोगों का जोखिम, डॉक्टर ने बताए इसके दो कारण, सभी करें बचाव

Tue, 27 Jun 2023 03:27 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Tue, 27 Jun 2023 03:27 PM IST
विज्ञापन
What are the major risk factors for heart disease in youth, what cause heart attack in GEN-Z
हृदय रोगों का खतरा - फोटो : getty images

हृदय रोगों का जोखिम वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। विशेषकर कोरोना महामारी के बाद यह बड़े खतरे के तौर पर उभरी समस्या है, लिहाजा अब कम उम्र के लोग भी सडेन हार्ट अटैक के शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बढ़ते हृदय रोगों के लिए कई कारकों को जिम्मेदार मान रहे हैं, जिसमें लाइफस्टाइल का गड़बड़ी और खान-पान से संबंधित समस्याएं प्रमुख हैं।



उम्र आधारित हृदय रोगों की समस्याओं के जोखिम को जानने के लिए किए गए अध्ययनों में पाया गया है कि GEN-Z समूह के लोगों में गंभीर हृदय रोग और हार्ट अटैक जैसी समस्याओं का जोखिम काफी तेजी से बढ़ा है।

ये GEN-Z समूह क्या है और इसमें गंभीर हृदय रोगों का अधिक जोखिम क्यों देखा जा रहा है, इस बारे में सभी लोगों को समझना बहुत आवश्यक है। GEN-Z समूह 1997 से 2012 के बीच जन्मे लोगों को संदर्भित करता है। यानी कि अगर कोई व्यक्ति 1997 में जन्मा है तो 2023 में उसकी उम्र 26 वर्ष होगी। इसका मतलब है कि युवा-वयस्कों में हृदय रोगों का जोखिम काफी तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। आइए विशेषज्ञों से इसके कारण और जोखिमों के बारे में समझते हैं।

What are the major risk factors for heart disease in youth, what cause heart attack in GEN-Z
कम उम्र में बढ़ रहा है हृदय रोगों का खतरा - फोटो : iStock

क्यों बढ़ती जा रही है हृदय रोगों की समस्या?

कम उम्र में हृदय रोगों का खतरा क्यों बढ़ता जा रहा है, इसके क्या प्रमुख जोखिम कारक हो सकते हैं, इस बारे में समझने के लिए हमने पुणे स्थिति वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ नरोत्तम एम. शर्मा से संपर्क किया।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कम उम्र के लोगों में हृदय रोगों के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। जहां तक बात GEN-Z समूह की आती है उनमें कार्डियोवैस्कुलर समस्याओं का बढ़ना गंभीर सूचक है। आमतौर पर इसके लिए दो कारणों को जिम्मेदार माना जा रहा है।

What are the major risk factors for heart disease in youth, what cause heart attack in GEN-Z
युवाओं में मोटापे की समस्या - फोटो : istock

पहला- मोटापा या अधिक वजन के कारण बढ़ गया है जोखिम

बचपन और किशोरावस्था में मोटापा या अधिक बीएमआई की समस्या का सिर्फ हृदय रोग ही नहीं और एथेरोस्क्लोरोटिक प्रॉसेस, ब्लड प्रेशर, मेटाबोलिक सिंड्रोम, टाइप-2 डायबिटीज का भी कारण बन सकती है। टीन ऐज या फिर युवाओं में हार्ट अटैक के मामले वैसे तो पहले काफी दुर्लभ रहे हैं, पर अब इसका जोखिम अधिक देखा जा रहा है।

अतिरिक्त वजन के कारण आपकी धमनियों (रक्त वाहिकाएं जो आपके अंगों तक रक्त ले जाती हैं) में वसायुक्त पदार्थ जमा हो सकता है। इसके कारण हृदय तक रक्त पहुंचना कठिन हो जाता है जिसके कारण हृदय रोगों का जोखिम हो सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
What are the major risk factors for heart disease in youth, what cause heart attack in GEN-Z
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : istock

दूसरा- कम उम्र में ही बढ़ रही है ब्लड प्रेशर की समस्या

युवाओं-वयस्कों में ब्लड प्रेशर की समस्या भी मोटापे और लाइफस्टाइल की खराबी से संबंधित मानी जाती है। ब्लड प्रेशर बढ़ने से युवाओं में भी उसी प्रकार से हृदय की सेहत को खतरा रहता है जैसा कि वयस्कों और बुजुर्गों में। उच्च रक्तचाप के कारण धमनियों का लोच कम हो सकता है जिससे हृदय में रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है और यह हृदय रोगों का कारण बन सकती है।

विज्ञापन
What are the major risk factors for heart disease in youth, what cause heart attack in GEN-Z
हृदय रोगी का खतरा - फोटो : istock

टीनएज और युवा बरतें विशेष सावधानी

डॉ नरोत्तम कहते हैं, सभी लोगों को हृदय रोगों से बचाव के लगातार उपाय करते रहना चाहिए। चूंकि अब इसका खतरा कम आयु के लोगों में भी देखा जा रहा है इसलिए बचपन से ही हृदय स्वास्थ्य पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके लिए सबसे आवश्यक है कि आप मोटापे को कम करें।

शारीरिक निष्क्रियता न सिर्फ मोटापे को बढ़ा देती है साथ ही इसके कारण हृदय रोगों का जोखिम भी काफी बढ़ जाता है इसलिए आवश्यक है कि हम सभी लाइफस्टाइल-आहार और शारीरिक सक्रियता पर गंभीरता से ध्यान दें। हृदय रोगों से बचाव के लिए यह बहुत आवश्यक है।



----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed