कोविड संक्रमण के दौरान विशेषज्ञ खान-पान के माध्यम से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। इम्यूनिटी को मजबूती देने में विटामिन सी और जिंक सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व माने जाते हैं। इसकी पर्याप्त मात्रा रोगजनकों के कारण होने वाली बीमारियों से लड़ने में शरीर की मदद करती है। आहार विशेषज्ञ कहते हैं कि हम अपने भोजन के माध्यम से इन दोनों पोषक तत्वों की आसानी से पूर्ति कर सकते हैं। कई खाद्य पदार्थों को विटामिन सी और जिंक से भरपूर माना जाता है। कई लोग उचित आहार तो लेते हैं लेकिन उनको कोई लाभ नहीं मिलता है, ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी हो जाता है कि हमारा शरीर इन पोषक तत्वों को ठीक से अवशोषित कर रहा है।
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आहार विशेषज्ञ से जानें: भोजन से कैसे अधिकतम मात्रा में प्राप्त कर सकते हैं विटामिन सी और जिंक?
Sat, 15 May 2021 08:07 PM IST
Abhilash Srivastava
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Sat, 15 May 2021 08:07 PM IST
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भोजन से प्राप्त करें पोषक तत्व
- फोटो : iStock
संक्रमण से बचाने में सहायक है विटामिन सी
- फोटो : iStock
विटामिन सी के फायदे
आहार विशेषज्ञ गरिमा गोयल बताती हैं कि विटामिन सी शरीर को संक्रमण से बचाने और घावों को तेजी से भरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विटामिन सी को प्रभावी एंटीऑक्सिडेंट के रूप में भी जाना जाता है जो रोग पैदा करने वाले हानिकारक मुक्त कणों से शरीर को सुरक्षित रखने में सहायक होता है। खट्टे फल, कीवी, टमाटर, ब्रोकोली, नींबू, संतरे आदि को इसका बेहतर स्रोत माना जाता है। हर वयस्क को प्रतिदिन 75-90 मिलीग्रा. की मात्रा में विटामिन सी का सेवन करना चाहिए।
आहार विशेषज्ञ गरिमा गोयल बताती हैं कि विटामिन सी शरीर को संक्रमण से बचाने और घावों को तेजी से भरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विटामिन सी को प्रभावी एंटीऑक्सिडेंट के रूप में भी जाना जाता है जो रोग पैदा करने वाले हानिकारक मुक्त कणों से शरीर को सुरक्षित रखने में सहायक होता है। खट्टे फल, कीवी, टमाटर, ब्रोकोली, नींबू, संतरे आदि को इसका बेहतर स्रोत माना जाता है। हर वयस्क को प्रतिदिन 75-90 मिलीग्रा. की मात्रा में विटामिन सी का सेवन करना चाहिए।
ज्यादा देर पकाने से नष्ट हो जाती है भोजन की पौष्टिकता
- फोटो : Social media
भोजन से विटामिन सी के अवशोषण को कैसे बढ़ाएं?
डायटीशियन गरिमा कहती हैं कि विटामिन सी युक्त ज्यादातर खाद्य पदार्थ उष्मा के प्रति संवेदनशील होते हैं, ज्यादा देर पकाने से इनकी पौष्टिकता नष्ट हो जाती है। अच्छी बात यह है कि विटामिन सी युक्त ज्यादातर खाद्य पदार्थों को कच्चा खाया जा सकता है। ब्रोकली, शिमला मिर्च, ब्रसेल्स, स्प्राउट्स जैसे खाद्य स्रोतों को उबालकर, भूनकर या माइक्रोवेव करके भी प्रयोग मे लाया जा सकता है। इस प्रकार से भी आप दैनिक आहार से ज्यादा से ज्यादा मात्रा में विटामिन सी प्राप्त कर सकते हैं।
डायटीशियन गरिमा कहती हैं कि विटामिन सी युक्त ज्यादातर खाद्य पदार्थ उष्मा के प्रति संवेदनशील होते हैं, ज्यादा देर पकाने से इनकी पौष्टिकता नष्ट हो जाती है। अच्छी बात यह है कि विटामिन सी युक्त ज्यादातर खाद्य पदार्थों को कच्चा खाया जा सकता है। ब्रोकली, शिमला मिर्च, ब्रसेल्स, स्प्राउट्स जैसे खाद्य स्रोतों को उबालकर, भूनकर या माइक्रोवेव करके भी प्रयोग मे लाया जा सकता है। इस प्रकार से भी आप दैनिक आहार से ज्यादा से ज्यादा मात्रा में विटामिन सी प्राप्त कर सकते हैं।
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डीएनए के निर्माण में जिंक है बेहद आवश्यक
- फोटो : iStock
जिंक के फायदे
आहार और पोषण विशेषज्ञ हिमांशु राय बताते हैं कि शरीर के लिए जिंक एक बेहद आवश्यक पोषक तत्व है जो 300 से अधिक एंजाइमों को सक्रिय करने में मदद करता है। जिंक प्रमुख रूप से डीएनए के निर्माण, कोशिकाओं की वृद्धि, प्रोटीन के निर्माण, क्षतिग्रस्त ऊतकों को ठीक करने और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करता है। पुरुषों के लिए प्रतिदिन 11 मिलीग्राम जबकि महिलाओं के लिए 8 मिलीग्राम जिंक की आवश्यकता होती है। साबुत अनाज (गेहूं, चावल) दाल, बीन्स, ब्रोकोली, मशरूम, नट्स (काजू, बादाम) रेड मीट आदि से जिंक प्राप्त किया जा सकता है।
आहार और पोषण विशेषज्ञ हिमांशु राय बताते हैं कि शरीर के लिए जिंक एक बेहद आवश्यक पोषक तत्व है जो 300 से अधिक एंजाइमों को सक्रिय करने में मदद करता है। जिंक प्रमुख रूप से डीएनए के निर्माण, कोशिकाओं की वृद्धि, प्रोटीन के निर्माण, क्षतिग्रस्त ऊतकों को ठीक करने और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करता है। पुरुषों के लिए प्रतिदिन 11 मिलीग्राम जबकि महिलाओं के लिए 8 मिलीग्राम जिंक की आवश्यकता होती है। साबुत अनाज (गेहूं, चावल) दाल, बीन्स, ब्रोकोली, मशरूम, नट्स (काजू, बादाम) रेड मीट आदि से जिंक प्राप्त किया जा सकता है।
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जिंक युक्त खाद्य पदार्थ
- फोटो : pixabay
भोजन से जिंक के अवशोषण को कैसे बढ़ाएं?
पोषण विशेषज्ञ हिमांशु राय बताते हैं कि भोजन के किण्वन के माध्यम से जिंक के अवशोषण को बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा खाद्य पदार्थों में नींबू, अमचूर मिलाने से जिंक की जैव उपलब्धता में वृद्धि होती है। भोजन से ज्यादा से ज्यादा मात्रा में जिंक प्राप्त करने के लिए आप उसमें अदरक, काली मिर्च आदि को भी मिलाकर भी सेवन कर सकते हैं।
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नोट: यह लेख डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) हिमांशु राय और गरिमा गोयल के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
पोषण विशेषज्ञ हिमांशु राय बताते हैं कि भोजन के किण्वन के माध्यम से जिंक के अवशोषण को बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा खाद्य पदार्थों में नींबू, अमचूर मिलाने से जिंक की जैव उपलब्धता में वृद्धि होती है। भोजन से ज्यादा से ज्यादा मात्रा में जिंक प्राप्त करने के लिए आप उसमें अदरक, काली मिर्च आदि को भी मिलाकर भी सेवन कर सकते हैं।
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नोट: यह लेख डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) हिमांशु राय और गरिमा गोयल के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।