हमारे फेफड़े, शरीर के सभी अंगों तक ऑक्सीजन के संचार को बेहतर बनाए रखने के लिए सबसे आवश्यक अंग हैं। हालांकि लाइफस्टाइल और कई पर्यावरणीय कारकों के चलते इससे संबंधित बीमारियों का खतरा काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है। अस्थमा, सीओपीडी, इन्फ्लूएंजा, निमोनिया और टीबी संक्रमण, फेफड़ों का कैंसर और कई अन्य श्वास संबंधी समस्याएं, फेफड़ों से संबंधित होती हैं।
Study: इस विटामिन की कमी से हो सकती हैं फेफड़ों की गंभीर बीमारियां, आप भी हो जाइए सावधान
विटामिन-के फेफड़ों के लिए जरूरी
ईआरजे ओपन रिसर्च में प्रकाशित अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार, रक्त में विटामिन-के का स्तर कम होने से फेफड़ों की कार्यक्षमता खराब होने और अस्थमा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) और घरघराहट से पीड़ित होने की आशंका अधिक होती है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि विटामिन-के की कमी से फेफड़ों की समस्या का जोखिम हो सकता है पर इसके सप्लीमेंट्स से क्या फेफड़ों को लाभ मिलता है, इसको प्रमाणित करने के पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं।
अध्ययन में क्या पता चला?
डेनिश शोधकर्ताओं की टीम द्वारा किए गए इस अध्ययन में 24 से 77 वर्ष की आयु के 4,092 लोगों को शामिल किया गया। सभी प्रतिभागियों का लंग्स फंक्शन टेस्ट किया गया। इसके लिए किए गए रक्त की जांच में पता चला कि जिन लोगों के परीक्षण में शरीर में विटामिन-के के निम्न स्तर के मार्कर थे, उनमें इस रोग के विकसित होने का खतरा अधिक पाया गया।
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
प्रमुख शोधकर्ता और अध्ययन के लेखक डॉ. टोर्किल जेस्पर्सन कहते हैं, हम पहले से ही जानते हैं कि विटामिन-के की रक्त में एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हृदय और हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए भी इसे महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन विटामिन-के का और फेफड़ों पर बहुत कम शोध हुआ है।
यह बड़ी आबादी में विटामिन के और फेफड़ों की कार्यप्रणाली पर प्रभावों वाला पहला अध्ययन है। हमारे परिणाम बताते हैं कि विटामिन-के हमारे फेफड़ों को स्वस्थ रखने में भूमिका निभा सकती है।
सप्लीमेंट्स की जगह आहार से प्राप्त करें विटामिन
स्वीडन में करोलिंस्का इंस्टिट्यूट के डॉ. अपोस्टोलोस बोसियोस कहते हैं, इस अध्ययन से पता चलता है कि जिन लोगों के रक्त में विटामिन-के का स्तर कम है, उनके फेफड़े खराब हो सकते हैं। हालांकि इस बात के प्रमाण नहीं है कि विटामिन-के सप्लीमेंट्स से फेफड़ों को स्वस्थ किया जा सकता है या नहीं?
यही कारण है कि इस विटामिन के लिए अब तक की अनुशंसित मात्रा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आहार के माध्यम से विटामिन-के का सेवन सुनिश्चित करके कई प्रकार से स्वास्थ्य लाभ जरूर प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके लिए आहार में पत्तेदार हरी सब्जियों, वनस्पति तेलों और साबुत अनाजों को शामिल किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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