कोरोना वायरस के प्लास्टिक, मेटल और अन्य सतहों पर कोरोना वायरस के सक्रिय रहने की अवधि को लेकर अबतक कई तरह के शोध अध्ययन हो चुके हैं। पहले विभिन्न सतहों पर जहां 24 घंटे से लेकर तीन दिन तक वायरस के सक्रिय रहने की बात कही गई थी। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की एक साइंस एजेंसी ने भी इस संबंध में रिसर्च स्टडी की है, जिसमें दावा किया कि मोबाइल स्क्रीन, नोट(करंसी) और अन्य सतहों पर कोरोना वायरस 28 दिनों तक सक्रिय रह सकता है। इसे अमेरिका के संक्रमण रोग विशेषज्ञ ने 'पूरी तरह बकवास' बताया है। हालांकि ऑस्ट्रेलियाई एजेंसी के मुताबिक, उसका अध्ययन तापमान के विभिन्न स्तर पर आधारित है।
बकवास है "मोबाइल स्क्रीन और अन्य सतहों पर 28 दिन तक रहता है कोरोना" वाली स्टडी: अमेरिकी विशेषज्ञ
ऑस्ट्रेलिया की साइंस एजेंसी सीएसआईआरओ ने नोट(करंसी), मोबाइल स्क्रीन जैसी सतहों पर कोरोना वायरस के सक्रिय रहने को लेकर अध्ययन किया था। इसमें दावा किया गया था कि इन सतहों पर कोरोना वायरस 28 दिनों तक सक्रिय रह सकता है। अमेरिका के संक्रमण रोग विशेषज्ञ डॉ. फहीम यूनुस ने इस दावे को बकवास और बेकार बताया है। डॉ. यूनुस अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड मेडिकल सिस्टम के संक्रमण रोग विभाग के प्रमुख हैं।
डॉ. यूनुस ने ट्वीट कर कहा,
- मिथक: कोविड 28 दिनों के लिए फोन स्क्रीन/नोट पर बना रहता है।
- तथ्य: बकवास। इस तरह के अध्ययन कृत्रिम प्रयोगशाला परिस्थितियों में किए जाते हैं, वो भी शारीरिक सुरक्षा के बिना। मोबाइल फोन और नोट से कोरोना के फैलने का खतरा नहीं है। अगर अभी भी किसी तरह का डर है, तो मुझे अपना फोन और नोट मुझे भेजें।
डॉ. यूनूस ने स्पष्ट तौर पर अध्ययन को बकवास बताते हुए एक तरह से चैलेंज किया है। उनका दावा है कि मोबाइल फोन और करंसी से कोरोना के फैलने का खतरा नहीं है। बता दें कि एजेंसी ने नोट, मोबाइल स्क्रीन, स्टेनलेस स्टील आदि सतहों पर वायरस के 28 दिन तक सक्रिय रहने का दावा किया था। पूर्व में हुए एक अध्ययन में इन सतहों पर कोरोना के सक्रिय रहने की अवधि सात दिन बताई गई थी। लेकिन ऑस्ट्रेलिया की एजेंसी ने अपने दावे से सबको चौंका दिया था।
पूर्व में हुई एक स्टडी में दावा किया जाता रहा कि नोट या शीशे पर पर वायरस 48 से 72 घंटे और प्लास्टिक या स्टेनलेस स्टील पर छह दिन तक सक्रिय रह सकता है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया की सीएसआईआरओ एजेंसी ने स्टडी में बताया कि कोरोना वायरस का सक्रिय रहना तापमान पर निर्भर करता है। उनके मुताबिक, सामान्य कमरे का तापमान यानी करीब 20 डिग्री सेल्सियस में कोरोना वायरस ऐसी सतहों पर 28 दिनों तक सक्रिय रह सकता है। अन्य फ्लू के वायरस के 17 दिन तक सक्रिय रहने की अवधि से यह कहीं ज्यादा है।