फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बकवास है "मोबाइल स्क्रीन और अन्य सतहों पर 28 दिन तक रहता है कोरोना" वाली स्टडी: अमेरिकी विशेषज्ञ

Mon, 12 Oct 2020 09:14 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निलेश कुमार Updated Mon, 12 Oct 2020 09:14 PM IST
विज्ञापन
US Expert says nonsense to Australian study over how long Coronavirus survive on surfaces bank note, mobile phone. Steel,
coronavirus survive on mobile - फोटो : social media

कोरोना वायरस के प्लास्टिक, मेटल और अन्य सतहों पर कोरोना वायरस के सक्रिय रहने की अवधि को लेकर अबतक कई तरह के शोध अध्ययन हो चुके हैं। पहले विभिन्न सतहों पर जहां 24 घंटे से लेकर तीन दिन तक वायरस के सक्रिय रहने की बात कही गई थी। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की एक साइंस एजेंसी ने भी इस संबंध में रिसर्च स्टडी की है, जिसमें दावा किया कि मोबाइल स्क्रीन, नोट(करंसी) और अन्य सतहों पर कोरोना वायरस 28 दिनों तक सक्रिय रह सकता है। इसे अमेरिका के संक्रमण रोग विशेषज्ञ ने 'पूरी तरह बकवास' बताया है। हालांकि ऑस्ट्रेलियाई एजेंसी के मुताबिक, उसका अध्ययन तापमान के विभिन्न स्तर पर आधारित है। 

US Expert says nonsense to Australian study over how long Coronavirus survive on surfaces bank note, mobile phone. Steel,
सीढ़ियों पर बैठकर मोबाइल पर गेम खेलते बच्चे(File Photo) - फोटो : PTI

ऑस्ट्रेलिया की साइंस एजेंसी सीएसआईआरओ ने नोट(करंसी), मोबाइल स्क्रीन जैसी सतहों पर कोरोना वायरस के सक्रिय रहने को लेकर अध्ययन किया था। इसमें दावा किया गया था कि इन सतहों पर कोरोना वायरस 28 दिनों तक सक्रिय रह सकता है। अमेरिका के संक्रमण रोग विशेषज्ञ डॉ. फहीम यूनुस ने इस दावे को बकवास और बेकार बताया है। डॉ. यूनुस अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड मेडिकल सिस्टम के संक्रमण रोग विभाग के प्रमुख हैं। 

US Expert says nonsense to Australian study over how long Coronavirus survive on surfaces bank note, mobile phone. Steel,
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

डॉ. यूनुस ने ट्वीट कर कहा, 

  • मिथक: कोविड 28 दिनों के लिए फोन स्क्रीन/नोट पर बना रहता है।
  • तथ्य: बकवास। इस तरह के अध्ययन कृत्रिम प्रयोगशाला परिस्थितियों में किए जाते हैं, वो भी शारीरिक सुरक्षा के बिना। मोबाइल फोन और नोट से कोरोना के फैलने का खतरा नहीं है। अगर अभी भी किसी तरह का डर है, तो मुझे अपना फोन और नोट मुझे भेजें।
विज्ञापन
विज्ञापन
US Expert says nonsense to Australian study over how long Coronavirus survive on surfaces bank note, mobile phone. Steel,
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

डॉ. यूनूस ने स्पष्ट तौर पर अध्ययन को बकवास बताते हुए एक तरह से चैलेंज किया है। उनका दावा है कि मोबाइल फोन और करंसी से कोरोना के फैलने का खतरा नहीं है। बता दें कि एजेंसी ने नोट, मोबाइल स्क्रीन, स्टेनलेस स्टील आदि सतहों पर वायरस के 28 दिन तक सक्रिय रहने का दावा किया था। पूर्व में हुए एक अध्ययन में इन सतहों पर कोरोना के सक्रिय रहने की अवधि सात दिन बताई गई थी। लेकिन ऑस्ट्रेलिया की एजेंसी ने अपने दावे से सबको चौंका दिया था। 

विज्ञापन
US Expert says nonsense to Australian study over how long Coronavirus survive on surfaces bank note, mobile phone. Steel,
coronavirus - फोटो : iStock

पूर्व में हुई एक स्टडी में दावा किया जाता रहा कि नोट या शीशे पर पर वायरस 48 से 72 घंटे और प्लास्टिक या स्टेनलेस स्टील पर छह दिन तक सक्रिय रह सकता है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया की सीएसआईआरओ एजेंसी ने स्टडी में बताया कि कोरोना वायरस का सक्रिय रहना तापमान पर निर्भर करता है। उनके मुताबिक, सामान्य कमरे का तापमान यानी करीब 20 डिग्री सेल्सियस में कोरोना वायरस ऐसी सतहों पर 28 दिनों तक सक्रिय रह सकता है। अन्य फ्लू के वायरस के 17 दिन तक सक्रिय रहने की अवधि से यह कहीं ज्यादा है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed