कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण के बीच दुनियाभर के देशों को इसकी वैक्सीन का इंतजार है। भारत में तीन वैक्सीन कैंडिडेट्स कामयाबी के करीब हैं तो वहीं अमेरिका में भी फार्मा कंपनी मॉडर्ना (Moderna) की वैक्सीन mRNA-1273 समेत अन्य कैंडिडेट्स पर भी काम हो रहे हैं। अमेरिकी दवा कंपनी मॉर्डना अपनी वैक्सीन पर सफलता के करीब है। कंपनी का मानना है कि कोरोना महामारी से जंग के बीच मिलकर काम करने की जरूरत है। इसको लेकर कंपनी ने बड़ा एलान किया है। मॉडर्ना ने एक प्रेस स्टेटमेंट जारी कर कहा है कि वह अपनी वैक्सीन को पेटेंट के दबाव से मुक्त करती है।
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mRNA कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर)
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अमेरिकी कंपनी द्वारा वैक्सीन को पेटेंट से दबावमुक्त करने के फैसले से अन्य दवा कंपनियों को उसकी वैक्सीन तैयार करने में आसानी होगी। बता दें कि मॉडर्ना कंपनी कोरोना वायरस के लिए जो वैक्सीन विकसित कर रही है, उसके ट्रायल के परिणाम शानदार रहे हैं। कंपनी ने कहा है कि अगर उसकी वैक्सीन तैयार होती है तो महामारी के समय में वह अन्य कंपनियों पर पेटेंट का दबाव नहीं बनाएगी।
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कोरोना वायरस वैक्सीन
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साथ मिलकर कोरोना महामारी से निपटने के लिए मॉडर्ना कंपनी ने यह फैसला लिया है। मालूम हो कि इस वैक्सीन ने बुजुर्गों में भी शानदार इम्यून रेस्पॉन्स यानी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया पैदा की है। यूएस नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीजेस और अमेरिकी बायोटेक कंपनी मॉडर्ना के अनुसंधानकर्ताओं द्वारा मिलकर विकसित किए गए अनुसंधानात्मक टीके के पहले फेज के ट्रायल में यह बात सामने आई थी।
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कोरोना वायरस वैक्सीन
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'न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन' में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक मॉडर्ना की प्रायोगिक वैक्सीन mRNA-1273 ने परीक्षण में शामिल लोगों पर बेहतर असर दिखाया था। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीजेस के शोधकर्ताओं के अनुसार बुजुर्गों पर कोविड-19 की जटिलताओं का खतरा ज्यादा रहता है और यह टीकाकरण के लिए महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। बुजुर्गों पर इस वैक्सीन का बेहतर असर है।
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Coronavirus Pandemic
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मालूम हो कि कोरोना महामारी से प्रभावित होनेवाले देशों में अमेरिका शीर्ष पर है। यहां कोरोना संक्रमण के अबतक 78.34 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। कोरोना वायरस से यहां 2.17 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अभी भी देश में कोरोना के करीब 26 लाख मामले एक्टिव हैं और रोजाना बड़ी संख्या में नए मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना पर नियंत्रण को लेकर यहां बहुत बड़ी स्वास्थ्य रणनीति की जरूरत बताई जा रही है।