वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में शनिवार (1 फरवरी 2025) को रिकॉर्ड लगातार आठवां बजट पेश किया। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए इस बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। कैंसर और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित लोगों को राहत प्रदान करते हुए सरकार ने कई जीवन रक्षक दवाओं से सीमा शुल्क को पूरी तरह से हटा लिया है। इस फैसले से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दवाओं पर होने वाला मोटा खर्च अब कम हो जाएगा। सरकार के इस फैसले से लोगों की जेब को राहत मिलने की उम्मीद है।
Budget 2025: वित्तमंत्री ने कैंसर और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित लोगों को दी बड़ी राहत, लिया ये बड़ा फैसला
कैंसर का इलाज रहा है आम लोगों के लिए काफी महंगा
गौरतलब है कि कैंसर के इलाज का खर्च भारतीय परिवारों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय रहा है। कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पहले ही कैंसर की देखभाल से जुड़े खर्चों को कम करने की तत्काल आवश्यकताओं पर जोर दिया था। बजट की ये नवीनतम घोषणा सीधे उन चिंताओं को कम करने वाली है जो कैंसर के शिकार लोगों में इलाज के खर्च को लेकर अक्सर देखी जाती रही है।
पिछले बजट में भी सरकार ने कैंसर की तीन प्रमुख दवाओं- ट्रैस्टुजुमाब डेरुक्सटेकन, ओसिमर्टिनिब और डुरवालुमाब पर जीएसटी में कटौती करने का निर्णय लिया था, ताकि लोगों तक ये दवाएं सस्ते रेट में उपलब्ध हो सकें।
इलाज के उपकरण खर्च पर भी राहत देने की उम्मीद
इससे पहले तमाम स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बजट से उम्मीद (बजट एक्सपेक्टेशन) में सरकार से अन्य उपचारों और उन्नत कैंसर उपचार के लिए आवश्यक उपकरणों, जैसे रेडियोथेरेपी मशीनों और रोबोटिक्स पर भी ऐसी कर राहत देने का आग्रह किया है, जिन पर वर्तमान में 37 प्रतिशत तक का सीमा शुल्क लगता है।
कैंसर रोगियों के लिए राहत
सीमा शुल्क में छूट के अलावा, वित्तमंत्री सीतारमण ने हर जिले में कैंसर देखभाल केंद्र स्थापित करने की भी घोषण की है। इस पहल का उद्देश्य रोगियों के लिए गुणवत्तापूर्ण कैंसर उपचार को सहज और आसान बनाना है। इससे न सिर्फ कैंसर का समय रहते निदान आसान होगा साथ ही समय पर उपचार शुरू हो जाने से रोगी की जान बचने की संभावना भी बढ़ जाएंगी।
हर जिले में कैंसर देखभाल केंद्र स्थापित होने से बड़े शहरों की लंबी, महंगी यात्राओं पर होने वाले खर्च से भी रोगियों को राहत मिलेगी।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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