डायबिटीज, मौजूदा समय में पूरी दुनिया के लिए बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे 'साइलेंट किलर' डिजीज के रूप में वर्गीकृत करते हैं। डायबिटीज शरीर में कई अन्य बीमारियों के जोखिम को भी बढ़ा सकती है, यही कारण है कि सभी लोगों को इस बीमारी को लेकर विशेष सतर्कता बरतते रहने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अगर समय रहते इसे नियंत्रित न किया जाए और डायबिटीज का स्तर काफी अधिक हो जाए तो इससे कई अन्य अंगों को भी गंभीर क्षति होने का खतरा भी बढ़ जाता है। यही कारण है कि जिन लोगों के ब्लड शुगर का स्तर सामान्य उपायों से कंट्रोल में नहीं आ पाता है उन्हें इंसुलिन के इंजेक्शन देने की भी जरूरत पड़ती है।
सावधान: इन अंगों को गंभीर क्षति पहुंचा सकती है अनियंत्रित डायबिटीज की समस्या, ऐसे लक्षणों को न करें अनदेखा
डायबिटीज का किडनी पर असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मधुमेह के कारण किडनी की बीमारियों और गंभीर स्थितियों में किडनी फेलियर तक की समस्या हो सकती है। अनियंत्रित डायबिटीज की समस्या किडनी में रक्त वाहिकाओं के समूहों को क्षति पहुंचा सकती है। इससे किडनी में रक्त का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है, जिसके कारण इसमें टॉक्सिंस बढ़ने लगते हैं। डायबिटीज के कारण किडनी में कीटोन्स की मात्रा बढ़ जाती है। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो इससे किडनी फेलियर की भी समस्या हो सकती है।
जा सकती है आंखों की रोशनी
अनियंत्रित डायबिटीज के कारण आंखों की समस्याओं को काफी सामान्य माना जाता है। डायबिटीज के कारण आपकी आंखों की छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। इसके परिणामस्वरूप दृष्टि संबंधी समस्याएं या अंधापन भी हो सकता है। इसलिए आपके ब्लड शुगर की स्थिति की नियमित मैपिंग और समय-समय पर आंखों की जांच कराना महत्वपूर्ण है। डायबिटीज रोगियों में आंखों की समस्याओं का जोखिम अधिक होता है।
मधुमेह के कारण हृदय रोग के मामले
रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ने के कारण यह आपकी रक्त वाहिकाओं की दीवारों से चिपकनी शुरू हो जाती है। इस स्थिति में शरीर के अन्य अंगों के साथ हृदय और मस्तिष्क को ऑक्सीजन युक्त रक्त की आपूर्ति प्रभावित हो जाती है। मधुमेह के कारण रक्त वाहिकाओं में फैट का निर्माण बढ़ने लगता है, इससे दिल का दौरा या स्ट्रोक होने का खतरा भी बढ़ जाता है। डायबिटीज को नियंत्रित रखकर इन समस्याओं से बचाव किया जा सकता है।
काले होने लगते हैं पैर और उंगलियां
मधुमेह रोगियों को अपने पैरों की देखभाल करने, उन्हें साफ रखने की बहुत आवश्यकता होती है। डायबिटीज की समस्या पैरों को गंभीर क्षति पहुंचा सकती है। मधुमेह से संबंधित तंत्रिका क्षति आपके पैरों में रक्त परिसंचरण को प्रभावित कर सकती है जिसके कारण कोशिकाएं खराब होने लगती हैं। रक्त प्रवाह बिगड़ने के कारण घाव या संक्रमण का ठीक होना भी मुश्किल हो जाता है। इन स्थितियों में पैर या उंगलियां काली पड़ने लगती हैं, जिन्हें गंभीर स्थिति में काटना पड़ सकता है। यही कारण है कि डायबिटीज को कंट्रोल रखना बहुत आवश्यक माना जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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