पिछले कुछ दिनों से देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी देखने को मिल रही है। रिपोर्टस के मुताबिक पिछले 24 घंटे में कोरोना के 20,799 नए मामले सामने आए और 180 लोगों की मौत हुई है। इतना ही नहीं कोरोना से रिकवरी रेट भी बढ़कर अब 97 फीसदी से अधिक हो गया है, इसे मार्च 2020 के बाद से सबसे अच्छा बताया जा रहा है। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि देश में कोरोना संक्रमण से हालात में काफी सुधार आ गया है। इसके साथ अब तक 90 करोड़ से अधिक लोगों को वैक्सीन की कम से कम एक खुराक भी मिल चुकी है जिससे देश की
जानना जरूरी: कम हो रहे हैं कोरोना संक्रमण के मामले, क्या अब मिल जाएगी 'मास्क से मुक्ति'?
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कब तक बरतनी होगी सावधानी?
कोरोना से बचाव को लेकर हाल ही में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया कहते हैं, देश में फिलहाल कोरोना संक्रमण की स्थिति में सुधार है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम लापरवाह हो जाएं। देश में अब त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है, ऐसे में लोगों को विशेष सावधान हो जाने की आवश्यकता है। फेस्टिवल सीजन को देखते हुए लोगों से अगले छह से आठ सप्ताह तक गंभीरता से कोविड से बचाव के नियमों का पालन करते रहना चाहिए, ताकि किसी भी तरह के खतरे से सुरक्षित रहा जा सके।
मास्क से कब मिलेगा छुटकारा?
मास्क को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सबसे कारगर उपाय के तौर पर देखा जा रहा है, अब चूंकि केस कम हो गए हैं तो लोगों के मन में सवाल है कि आखिर मास्क कब तक लगाकर रखने की जरूरत होगी? इस बारे में हाल ही में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया था कि कोरोना से सुरक्षित रहने के लिए सभी लोगों को मास्क पहनकर रखना जरूरी है। जिस तरह से कोरोना के नए वैरिएंट्स सामने आ रहे हैं और तीसरी लहर का खतरा बरकरार है, ऐसे में कोविड से बचाव के उपायों का पालन करते रहना कम से कम अगले साल तक आवश्यक होगा।
क्या अब भी तीसरी लहर का खतरा है?
पिछले दिनों कई रिपोर्टस में दावा किया जा रहा था कि अक्टूबर में कोरोना की संभवत: तीसरी लहर आ सकती है, हालांकि हालिया रिपोर्टस में कोरोना के कम होते मामलों के बारे में बताया जा रहा है तो क्या कोरोना की तीसरी लहर का खतरा अब भी है? इस बारे में डॉ वीके पॉल और डॉ. रणदीप गुलेरिया दोनों का कहना है कि, तीसरी लहर के खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि अगर लोग कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन जारी रखते हैं तो निश्चित है, तीसरी लहर के खतरे को कम जरूर किया जाता है। डॉ गुलेरिया कहते हैं, यह त्योहार के मौसम में लोगों की सावधानियों पर ज्यादा निर्भर करेगा।
किन बातों का रखना होगा ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि टीकाकरण से कोरोना के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है, इसलिए सभी लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीन की दोनों डोज ले लेनी चाहिए। इसके साथ इस बात का भी ध्यान रखना आवश्यक है कि वैक्सीन हमें बीमारी के खतरे से बचा सकती है, पर संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए हमें लगातार कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करते रहना होगा। बाहर जाते समय डबल मास्क, हाथों की स्वच्छता और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना सभी लोगों के लिए हर समय आवश्यक है। यह सभी उपाय त्योहार के मौसम में और भी आवश्यक हो जाते हैं।
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नोट: यह लेख विशेषज्ञों के सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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