पीरियड्स की शुरूआत महिलाओं में करीब 10 से 15 साल की उम्र से शुरू हो जाती है। इस समय महिलाओं को बेहद सावधानी से रहना होता है। पीरियड्स प्राकृतिक हैं महिलाओं के शरीर के लिए जरूरी भी हैं। कई बार महिलाएं इसके बारे में बात करने से हिचकती नजर आती हैं। दरअसल, कम जानकारी और अशिक्षा ने महिलाओं में मासिक चक्र को लेकर कई तरह के भ्रम पैदा किए हैं। आइए जानते हैं पीरियड्स को लेकर आमतौर पर महिलाओं में किन चीजों का भ्रम फैलता है।
पीरियड्स को लेकर हर लड़की को दिमाग से निकाल देना चाहिए ये भ्रम, कहीं आप में तो नहीं ये गलतफहमियां
कुछ महिलाओं को लगता है, पीरियड्स के दौरान सेक्स करने से वो गर्भवती नहीं हो सकती। लेकिन ऐसा नहीं है उस दौरान भी संबंध बनाते वक्त बचाव अपनाने चाहिए।
कई बार पीरियड्स अनियमित हो जाते है। इसमें कई बार पीरियड्स का मिस होना भी होता है। इन सबके दौरान आपके स्वभाव में भी बदलाव आ जाता है। जैसे तनाव और चिड़चिड़ापन हो जाता है।
किशोरावस्था में पीरियड्स का अनियमित होना सामान्य बात है। शुरुआती दिनों में कई बार महीने में दो बार भी आ जाता है, तो वहीं कई बार दो महीने तक पीरियड्स नहीं आते हैं। इसमें परेशान होने वाली कोई बात नहीं है। एक समय के बाद ठीक हो जाता है। लेकिन एक विवाहित महिला के साथ ऐसा होता है तो उसे तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
नोटः यह लेख आपकी जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किया गया है। यदि किसी बीमारी के पशेंट हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।