कोरोना वायरस का बढ़ता संक्रमण दुनियाभर के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, ब्राजील समेत कई देशों में कोरोना संक्रमण का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। इसकी दवा और वैक्सीन को लेकर लगातार शोध हो रहे हैं। वैज्ञानिकों को सफलता भी मिल रही है। इसी बीच शोधकर्ताओं ने कोरोना संक्रमण रोकने में सक्षम अणुओं की एक श्रृंखला की खोज की है। अणुओं की यह श्रृंखला संभावित तौर पर उस प्रोटीन को खत्म कर सकती है, जिस प्रोटीन से जुड़कर कोरोना वायरस शरीर में फैलता है। इन अणुओं की पहचान से कोविड-19 के इलाज के लिए नई दवा बनाने में मदद मिलेगी।
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कोरोना वायरस संक्रमण रोकने वाले अणुओं की हुई पहचान, कोविड 19 की दवा बनाने में है मददगार
Thu, 02 Jul 2020 06:19 PM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Thu, 02 Jul 2020 06:19 PM IST
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कोरोना संक्रमण रोकने में सक्षम अणुओं की शृंखला (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Pixabay
coronavirus test
- फोटो : PTI
अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के मुताबिक, कोरोना वायरस पॉलीमरेज नामक एक प्रोटीन से जुड़कर तेजी से खुद की नकल बनाता है। इस तरह अपनी संख्या बढ़ाते हुए यह पूरे शरीर में फैल जाता है। शरीर में पॉलीमरेज की प्रतिक्रिया को बंद कर देने से कोरोना वायरस का संक्रमण भी रुक जाता है। इस परिस्थिति में शरीर का रोग प्रतिरक्षा तंत्र सक्रिय हो जाता है और कोरोना वायरस को खत्म कर देता है।
Coronavirus Test
- फोटो : PTI
- हेल्थ रिसर्च जर्नल एंटीवायरस रिसर्च में प्रकाशित इस शोध अध्ययन में कई ऐसे संभावित अणुओं के बारे में बताया गया है कि जो पॉलीमरेज प्रोटीन की प्रतिक्रिया को ब्लॉक कर सकते हैं। इन अणुओं की पहचान के बाद अब वैज्ञानिक इस प्रोटीन को खत्म करने के लिए दवा बनाने की तैयारी में हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इन अणुओं की मदद से कोरोना से लड़ने वाली दवा तैयार की जा सकेगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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वायरल संक्रमण में होता रहा है इस्तेमाल
- वैज्ञानिक शोधकर्ताओं द्वारा खोजे गए अणुओं में से कुछ अणुओं का इस्तेमाल पूर्व से ही कई तरह के वायरल संक्रमण के इलाज में किया जाता रहा है। वैज्ञानिकों ने कहा कि कुछ अणुओं का इस्तेमाल एचआईवी और हेपेटाइटिस बी के इलाज में भी किया जा रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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- पूर्व में हुए शोध में वैज्ञानिकों ने पाया है कि सोफोसबुवीर में मौजूद ट्राइफोसफेट नामक अणु पॉलीमरेज प्रतिक्रिया को बंद करने में कारगर होते हैं। सोफोसबुवीर समेत चार अणु पॉलीमरेज की चेन प्रतिक्रियाओं को तोड़ने में असरदार साबित हुए हैं। ऐसे ही छह और अणुओं की पहचान की गई है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इन अणुओं की मदद से कोविड-19 के इलाज के लिए कारगर दवा बनाने में मदद मिलेगी।