Medically Reviewed by Ms. Priya Pandey
डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- बी.एस.सी. (मानव पोषण)
अनुभव- 8 वर्ष
इमली अपने खट्टे-मीठे स्वाद के कारण देशभर में प्रसिद्ध है। अक्सर इसका नाम लेते ही लोगों के मुंह में पानी आ जाता है। यूं तो इमली का उपयोग कई चीजों को बनाने में किया जाता है, जैसे गोलगप्पे का पानी तैयार करने, खाद्य पदार्थों को खट्टा बनाने और चटनी बनाने आदि में। लेकिन कुछ लोग इसे ऐसे भी खाना पसंद करते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि इमली न केवल स्वाद में अच्छी होती है बल्कि इसका सेवन सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। शरीर को कई प्रकार के रोगों से बचाने में यह उपयोगी होती है। इसमें कई प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जैसे विटामिन-ए और विटामिन-सी। इसके अलावा इमली कैल्शियम, आयरन, मैंगनीज, फाइबर, पोटैशियम और फास्फोरस जैसे खनिजों से भी भरपूर होता है। आइए जानते हैं इमली के सेवन से होने वाले फायदों और नुकसान के बारे में...
सलाह: सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है इमली का सेवन, मिलते हैं गजब के फायदे
दिल के लिए फायदेमंद है इमली
- रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) और कोलेस्ट्रॉल को कम करने में इमली बहुत उपयोगी है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करती है और एंटी-ऑक्सीडेंट की मदद से अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाती है। इससे हृदय संबंधी रोगों का खतरा भी कम होता है।
पाचन के लिए भी है अच्छा
- इमली का सेवन पाचन तंत्र के लिए भी अच्छा माना जाता है। दरअसल, इसमें फाइबर अच्छी खासी मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन और वजन घटाने में मदद करता है और साथ ही गैस, अपच जैसी समस्याओं को भी दूर करता है।
बढ़ती है याददाश्त
- विशेषज्ञ कहते हैं कि इमली के सेवन से शरीर में रक्त का संचार अच्छे से होता है। साथ ही यह लाल रक्त कोशिकाओं (रेड ब्लड सेल्स) के निर्माण में भी मदद करती है, जिससे शरीर की कमजोरी दूर होती है और याददाश्त बढ़ाने में भी मदद मिलती है।
इमली के नुकसान
- अधिक मात्रा में इमली के सेवन से रक्तस्राव का जोखिम बढ़ सकता है। दरअसल, अधिक सेवन रक्त में एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ा देता है, जिससे ब्लीडिंग की समस्या पैदा हो जाती है। गर्भवती महिलाओं को भी इसका सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए।
नोट: प्रिया पांडेय योग्य और अनुभवी डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) हैं। उन्होंने कानपुर के सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय से मानव पोषण में बी.एस.सी. किया है। उन्होंने कानपुर के आभा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आहार विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पोषण व्याख्यान के विषय के प्रतिनिधि के रूप में भी भाग लिया है। उनका इस क्षेत्र में 8 वर्ष का लंबा अनुभव है।
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