डायबिटीज कितनी खतरनाक बीमारी है, इससे आप भली-भांति परिचित होंगे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस गंभीर समस्या से बचे रहने के लिए सभी लोगों को अपने ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। ब्लड शुगर का बढ़ा हुआ स्तर शरीर के लिए काफी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है, पर क्या आप जानते हैं कि शुगर का स्तर बढ़ जाना जितना खतरनाक है, उससे कहीं ज्यादा खतरनाक है इसका बहुत ज्यादा कम हो जाना। मतलब रक्त शर्करा का निम्न स्तर भी शरीर के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है।
हाइपोग्लाइसीमिया: डायबिटीज रोगियों के लिए बेहद खतरनाक है यह स्थिति, कोमा में जा सकते हैं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैसे करें हाइपोग्लाइसीमिया की पहचान
डॉक्टर कहते हैं, आमतौर पर लोगों को यह पता नहीं चल पाता है कि उनके ब्लड शुगर का स्तर गिर रहा है। वहीं दूसरी तरफ यह स्थिति ऐसी होती है जिसमें रोगी को गंभीर समस्याओं से बचाने के लिए तत्काल उपचार की आवश्यकता होती। डायबिटीज रोगी और उनके परिवार के लोगों को इन लक्षणों के बारे में सचेत रहना चाहिए। यदि किसी भी मधुमेह रोगी में अचानक ऐसे लक्षण दिखें तो उसे तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं।
- चिंता या घबराहट
- अचानक से बहुत अधिक पसीना आना
- त्वचा का पीला पड़ जाना
- दिल की धड़कन का अनियमित या तेज हो जाना।
- चक्कर आना और दांत बैठने लगना।
- धुंधला दिखाई देना।
हाइपोग्लाइसीमिया की समस्या क्यों होती है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मधुमेह आपके शरीर के इंसुलिन उपयोग करने की क्षमता को प्रभावित कर देता है। इंसुलिन को उस कुंजी की तरह समझें जो आपकी कोशिकाओं को अनलॉक करके ग्लूकोज को प्रवेश करने की अनुमति देती है, जो शरीर की ऊर्जा के लिए आवश्यक है। कई लोगों में इंसुलिन की दवाइयों के कारण शुगर का स्तर बहुत कम हो सकता है। समय पर भोजन न करने, सामान्य से कम खाना-खाने के कारण भी हाइपोग्लाइसीमिया की समस्या हो सकती है। डायबिटीज में यदि आप कार्बोहाइड्रेट का सेवन बिल्कुल कम कर देते हैं तो भी ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से कम हो सकता है।
हाइपोग्लाइसीमिया को कैसे ठीक किया जाता है?
डॉक्टरों के मुताबिक किसी भी व्यक्ति में हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षण दिखते ही उसे तुरंत कार्बोहाइड्रेट युक्त चीजें खाने को देनी चाहिए, इससे शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। इसके 15 मिनट के बाद शुगर का स्तर चेक करें और नार्मल रेंज तक पहुंचने तक थोड़ी-थोड़ी देर पर कार्बोहाइड्रेट वाले आहार देते रहें। हालांकि ध्यान रखें, कार्बोहाइड्रेट की मात्रा नियंत्रित होनी चाहिए, इसकी मात्रा बढ़ जाने से शुगर का स्तर अचानक से बहुत अधिक हो सकता है, जो अन्य समस्याओं का कारण बन सकता है। इन उपायों को करने के बाद भी यदि हाइपोग्लाइसीमिया की समस्या ठीक नहीं होती है तो रोगी को तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं।
हाइपोग्लाइसीमिया से बचाव के लिए क्या करें?
डॉक्टरों के मुताबिक हाइपोग्लाइसीमिया से बचाव के लिए सबसे आवश्यक है नियमित रूप से ब्लड शुगर के स्तर की जांच करते रहना। इसके अलावा खान-पान पर विशेष ध्यान रखें, हर तीन घंटे पर कुछ न कुछ खाते रहें। आहार में प्रोटीन, स्वस्थ वसायुक्त और उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करें। जिन लोगों को अक्सर हाइपोग्लाइसीमिया की समस्या होती रहती है उन्हें शराब बिल्कुल नहीं पीना चाहिए, यह शुगर के स्तर को प्रभावित कर सकता है। अपने पास हमेशा कुछ ऐसी चीजें रखें जो हाइपोग्लाइसीमिया की स्थिति में शुगर के स्तर को तेजी से बढ़ाने में मदद कर सकती हों।
-------------
स्रोत और संदर्भ:
Hypoglycemia (Low Blood Sugar)
What causes low blood sugar
अस्वीकरण नोट: यह लेख मेडिकल वेबसाइट्स से एकत्रित की गई जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं।