स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 इन दिनों स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। राजधानी दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भी इसके मामले लगातार रिपोर्ट किए जा रहे हैं। साल 2009 में आई महामारी के बाद से वैसे तो एच1एन1 को विशेषज्ञ गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों वाला नहीं मानते हैं, पर इस साल सामने आ रहे आंकड़े काफी चिंता बढ़ा रहे हैं।
स्वाइन फ्लू: टूटा 7 साल पुराना रिकॉर्ड, यूपी-एमपी हर तरफ संकट; जानिए डायबिटीज वालों में संक्रमण कितना खतरनाक
एच1एन1 यानी इन्फ्लुएंजा-ए का एक प्रकार डायबिटीज वाले लोगों में गंभीर रूप ले सकता है। संक्रमण से डायबिटीज को कंट्रोल करना प्रभावित होने और जटिलताओं के बढ़ने का खतरा हो सकता है। इसलिए लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क, समय पर एंटीवायरल उपचार, फ्लू वैक्सीन और संक्रमण से बचाव की सावधानियां जरूरी हैं।
यूपी-एमपी सहित कई राज्य प्रभावित
राजधानी दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश भी संक्रमण की चपेट में है। बुधवार तक राज्य में एच1ए1 के 685 मामलों की पुष्टि प्रयोगशाला में हो चुकी है। राज्य में बढ़ते जोखिमों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को निर्देश दिया कि सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में इन्फ्लूएंजा-ए (एच1एन1) की जांच मुफ्त में की जाए।
- एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने उन जिलों में निगरानी और इलाज की व्यवस्था को और मजबूत करने का भी आदेश दिया, जहां मामलों की संख्या अधिक है। राज्य में इन्फ्लूएंजा-ए और मौसमी इन्फ्लूएंजा की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी स्वास्थ्य संस्थानों को एच1एन1 जांच के लिए तय शुल्क से अधिक पैसे नहीं लेने चाहिए। उन्होंने अस्पतालों से पर्याप्त दवाएं, जांच और आइसोलेशन की सुविधाएं तैयार रखने और गंभीर मरीजों के लिए अलग आईसीयू वार्ड बनाने को भी कहा।
- मध्य प्रदेश में बुधवार को स्वाइन फ्लू से एक और महिला की मौत हो गई। उज्जैन की रहने वाली 60 वर्षीय महिला की इंदौर में मौत हुई, जहां एच1एन1 टेस्ट में वह पॉजिटिव पाई गई थीं। इस मौत ने भोपाल में चिंता बढ़ा दी है, जहां छह मामले सामने आ चुके हैं। कर्नाटक, महाराष्ट्र सहित कई अन्य राज्यों से भी लगातार स्वाइन फ्लू के मामलों की खबरें आ रही हैं।
डायबिटीज में हो सकती हैं और भी दिक्कतें
अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया था कि किस तरह से स्वाइन फ्लू का संक्रमण फेफड़े-हार्ट से लेकर आंखों तक के लिए नुकसानदायक हो सकता है। गर्भवती महिलाओं में स्वाइन फ्लू के संक्रमण को और गंभीर जटिलताओं वाला माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ छोटे बच्चों को भी इस संक्रामक रोग से बचाना बहुत जरूरी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वैसे तो एच1एन1 किसी को भी संक्रमित कर सकता है, पर डायबिटीज के शिकार लोगों में संक्रमण की जटिलताएं और ज्यादा हो सकती हैं।
डायबिटीज में पहले से ही ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना जरूरी होता है। ऐसे में जब शरीर किसी संक्रमण से लड़ रहा होता है, तो ब्लड शुगर का कंट्रोल और मुश्किल हो सकता है। यही वजह है कि डायबिटीज वाले लोगों में फ्लू केवल बुखार, खांसी या बदन दर्द तक सीमित रहने के बजाय मौजूदा बीमारी को भी बिगाड़ सकता है।
संक्रमण होने पर कौन-सी दिक्कतें बढ़ सकती हैं?
डायबिटीज वाले रोगियों में फ्लू की संभावित जटिलताओं जैसे निमोनिया, फेफड़ों में गंभीर संक्रमण, साइनस संक्रमण और पहले से मौजूद पुरानी बीमारियों के बिगड़ने का जोखिम अधिक होता है।
- डायबिटीज के कारण यदि ब्लड शुगर नियंत्रण में नहीं है, तो संक्रमण के दौरान स्थिति संभालना और मुश्किल हो सकता है। यही वजह है कि मरीज को केवल फ्लू के लक्षणों पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि अपनी डायबिटीज मैनेजमेंट पर भी नजर रखनी चाहिए।
- सांस लेने में परेशानी, बहुत ज्यादा कमजोरी या हालत तेजी से खराब होने जैसे संकेतों में तुरंत डॉक्टरी सलाह जरूरी है।
संक्रमण से बचने के लिए डायबिटीज वाले क्या सावधानी बरतें?
डायबिटीज के मरीजों के लिए फ्लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सालाना वैक्सीनेशन की सलाह देते हैं।
- इसके साथ हाथों की नियमित सफाई, बीमार व्यक्ति से करीबी संपर्क से बचना और खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढंकना जैसे सामान्य संक्रमण से बचाव वाले उपाय भी जरूरी हैं।
- संक्रमण के दौरान ब्लड शुगर में बदलाव हो सकता हैं, इसलिए डॉक्टर द्वारा बताए गए तरीके के अनुसार इसकी निगरानी करना जरूरी है।
- अपनी नियमित डायबिटीज की दवाएं बिना डॉक्टर की सलाह के बंद या बदलनी नहीं चाहिए।
- फ्लू की पुष्टि या संदेह होने पर डायबिटीज वाले लोगों में डॉक्टर एंटीवायरल दवाओं की सलाह दे सकते हैं, हालांकि खुद से कोई भी दवा लेने से बचना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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