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गुत्थी और डॉ मशहूर गुलाटी जैसे किरदारों से लोगों के दिलों पर राज करने वाले अभिनेता और कॉमेडियन सुनील ग्रोवर इन दिनों दिल की बीमारी से जूझ रहे हैं। हार्ट ब्लॉकेज की समस्या के बाद उनकी सर्जरी की गई, फिलहाल उनकी हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है। सुनील ग्रोवर की सर्जरी की खबरों ने फैंन्स को शॉक कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह पुणे में एक वेब सीरीज की शूटिंग कर रहे थे, जहां कुछ दिक्कतों के बाद उनके हार्ट की सर्जरी की गई है। इस खबर के बाद से लोगों के मन में एक सवाल बना हुआ है कि आखिर कम उम्र में ही लोगों को हार्ट की समस्याएं क्यों हो रही हैं?
हृदय रोग विशेषज्ञों की मानें तो हमारे जीवनशैली और आहार का हृदय की सेहत पर सीधा प्रभाव पड़ता है, इसमें होने वाली कोई भी गड़बड़ी हार्ट ब्लॉकेज जैसी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। हार्ट ब्लॉकेज, ऐसी स्थिति है जिसका अगर समय रहते निदान और इलाज न कराया जाए तो इसके कारण दिल का दौरा पड़ने का जोखिम बढ़ जाता है। आइए आगे की स्लाइडों मे इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं।
Sunil Grover: हार्ट ब्लॉकेज की समस्या के बाद सर्जरी, विशेषज्ञ से जानिए कम उम्र में क्यों बढ़ रही हैं ऐसी दिक्कतें?
हार्ट ब्लॉकेज क्या है?
हार्ट ब्लॉकेज ऐसी समस्या है, जिसके कारण दिल के धड़कन में अनियमितता की समस्या हो सकती है। हार्ट ब्लॉकेज हृदय की विद्युत प्रणाली को प्रभावित करता है। हृदय की मांसपेशियों, हृदय वाल्व में चोट या क्षति के परिणामस्वरूप इस तरह की समस्या होती है। विशेषज्ञों के मुताबिक स्वस्थ मनुष्य का हृदय एक मिनट में लगभग 60 से 100 बार धड़कता है। हार्ट ब्लॉकेज की समस्या के कारण विद्युत संकेत प्रभावित हो जाते हैं, ऐसे में दिल की धड़कन प्रति मिनट लगभग 40 या उससे भी कम हो सकती है। गंभीर स्थितियों में इसके कारण हार्ट फेलियर जैसी समस्याओं का जोखिम भी बढ़ जाता है।
हार्ट ब्लॉकेज की पहचान कैसे की जाए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हार्ट ब्लॉकेज की समस्या होने पर रोगी में कई तरह के लक्षण देखे जा सकते है, समय रहते इसपर ध्यान देना आवश्यक होता है। हालांकि गौर करने वाली बात यह है कि जिसे इस तरह की समस्या होती है वह देखने में स्वस्थ लग सकते हैं।
- दिल की धड़कनों में अनियमितता की समस्या।
- सांस लेने में कठिनाई
- चक्कर आना और बेहोशी
- सीने में दर्द या बेचैनी
- ब्लॉकेज के कारण ठीक से रक्त पंप नहीं हो पाता है, जिसके कारण सामान्य कार्य करने में भी कठिनाई हो सकती है।
कम उम्र में हार्ट ब्लॉकेज की समस्या क्यों हो रही है?
अमर उजाला से बातचीत में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ संजय सचान बताते हैं, कुछ अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थितियों, जीवनशैली और आहार की गड़बड़ आदतों के चलते लोगों में कम उम्र में ही हृदय रोगों की समस्या बढ़ती जा रही है। कुछ लोगों को जन्मजात इस तरह की समस्या हो सकती है, वहीं हृदय रोग की मेडिकल हिस्ट्री या अधिक धूम्रपान करने वाले लोगों में भी इसका खतरा अधिक होता है। सेचुरेट और ट्रांस फैट वाली चीजों के अधिक सेवन से भी हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है।
पहले हृदय रोगों को बढ़ती उम्र के साथ होने वाली समस्या माना जाता था, हालंकि जीवनशैली में गड़बड़ी के कारण कम उम्र में भी लोग अब इस समस्या के शिकार हो रहे हैं। हार्ट ब्लॉकेज बढ़ने और हार्ट फेलियर के खतरे को देखते हुए सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।
हार्ट ब्लॉकेज को कैसे ठीक किया जाता है?
डॉ संजय बताते हैं, हार्ट ब्लॉकेज का उपचार रोगी की स्थिति पर निर्भर करता है। रोगी का स्थिति के आधार पर पेसमेकर या फिर सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। हार्ट ब्लॉकेज वाले रोगियों में इलाज के दौरान किसी भी अंतर्निहित कारण जैसे उच्च रक्तचाप आदि को नियंत्रित करने पर जोर दिया जाता है। समस्या का समय पर निदान और उपचार आवश्यक है, वरना इसके कारण हार्ट फेलियर जैसी दिक्कतों का जोखिम बढ़ जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों और विशेषज्ञ की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है।
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