गर्मी का यह मौसम हमारी सेहत के लिए कई प्रकार से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ज्यादा गर्मी को स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़कर देखा जाता रहा है। जिन लोगों को पहले से ही हार्ट डिजीज या डायबिटीज, तंत्रिकाओं की समस्या है उनके लिए बाहर का अधिक तापमान समस्याओं को और भी बढ़ाने वाला हो सकता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को गर्मी के इस मौसम में बचाव के उपाय करते रहने की सलाह देते हैं।
Alert: गर्मी के दिनों में एयर कंडीशनर्स में भी ज्यादा बैठना नुकसानदायक, इसका सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव आंखों पर
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एसी के हो सकते हैं नुकसान
एयर कंडीशनिंग हमें भीषण गर्मी और उमस के मौसम में राहत देती है, पर इसके अधिक इस्तेमाल से कुछ स्वास्थ्य संबंधी चिंताए भी बढ़ जाती हैं जिनसे लोगों को अवगत होना चाहिए। अध्ययनों में शरीर के कई अंगों पर इसके दुष्प्रभाव देखे गए हैं। इसके अलावा एसी के साथ कमरे का वेंटिलेशन भी ठीक रखना आवश्यक हो जाता है। वरना यह श्वसन समस्याओं को ट्रिगर करने का कारण बन सकती है, विशेषकर जिन्हें पहले से अस्थमा-ब्रोंकाइटिस जैसी दिक्कतें हैं।
सिक बिल्डिंग सिंड्रोम की समस्या
यदि आप किसी ऐसे वातानुकूलित स्थान पर में काम करते हैं, जहां वेंटिलेशन की व्यवस्था ठीक नहीं है तो यह "सिक बिल्डिंग सिंड्रोम" के जोखिम को बढ़ा सकती है। इसके कारण आपको सिरदर्द, सूखी खांसी, चक्कर आने और मतली, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी, थकान और गंध के प्रति संवेदनशीलता जैसी दिक्कतें होने लगती हैं।
सीडीसी विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के जोखिमों को कम करने के लिए फ़िल्टर को नियमित रूप से साफ करें, खिड़कियां खोल कर रखें जिससे बाहर की हवा का प्रवेश हो और अंदर की हवा बाहर जा सके।
आंखों के लिए नुकसानदायक
एयर कंडीशनर में अधिक समय बिताने का सबसे अधिक दुष्प्रभाव आंखों पर देखा जाता है, ऐसे लोगों में ड्राई आइज की समस्या होने का खतरा हो सकता है। सिर्फ एयर कंडीशनर ही नहीं सर्दियों में हीटर के अधिक इस्तेमाल के कारण भी इसका खतरा हो सकता है। इनसे निकलने वाली हवा आपके आसपास की हवा में नमी की मात्रा को काफी कम कर देती हैं।
हमारी आंखों को हाइड्रेटेड और आरामदायक रहने के लिए हवा में नमी की आवश्यकता होती है, यही कारण है कि एयर कंडीशनर के कारण ड्राई आइज की समस्या और इसके कारण होने वाली जटिलताएं बढ़ने लग जाती हैं।
बढ़ जाता है डिहाइड्रेशन का खतरा
एयर कंडीशनिंग, कमरे की हवा को ड्राई कर देती है। तापमान कम होने के कारण आपको प्यास कम लगती है जिसके कारण गर्मियों में डिहाइड्रेशन हो सकता है। इसके अलावा एयर कंडीशनिंग के कारण त्वचा के सूखेपन की समस्या भी होने लग जाती है। एयर कंडीशनर चूंकि वातावरण की नमी को कम कर देती है इसके कारण आपकी त्वचा रूखी और खुरदुरी हो सकती है।
इस तरह के दुष्प्रभावों से बचाव के लिए एयर कंडीशनिंग का ज्यादा इस्तेमाल न करें। बाहर की हवा के कमरे के प्रवेश को सुनिश्चित करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।