इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है। कई शहरों में दिन का तापमान 45 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं सभी लोगों को इस मौसम में सेहत के विशेष देखभाल की आवश्यकता है। तेज गर्मी और धूप के कारण कई घातक दुष्प्रभाव हो सकते हैं। अगर इस मौसम में शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो यह जानलेवा स्थितियों का कारण बन सकती है। डिहाइड्रेशन की गंभीर स्थिति में शरीर में ब्लड क्लॉटिंग का खतरा बढ़ते देखा गया है।
Summer Side Effects: बढ़ती गर्मी हो सकती है जानलेवा, इस एक गलती की वजह से बढ़ सकता है ब्लड क्लॉटिंग का खतरा
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गर्मी के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर के निर्जलित होने की स्थिति में आपका रक्त गाढ़ा/अधिक चिपचिपा और आपकी रक्त वाहिकाएं संकरी हो जाती हैं। इससे आपका सामान्य परिसंचरण प्रभावित हो जाता है। इसके अलावा रक्त के थक्के बनने को गंभीर चिकित्सा समस्या माना जाता है, जिसके कारण हृदय की गंभीर समस्याओंं जोखिम हो सकता है।
वैसे तो इसके कई कारण हो सकते हैं पर गर्मी के दिनों में शरीर में पानी कम होने की वजह से इसका जोखिम बढ़ जाता है।
क्या कहते हैं डॉक्टर्स?
अमर उजाला से बातचीत में पुणे स्थित एक निजी अस्पताल में इंटेंसिव केयर के डॉक्टर नागेंद्र एन. कपूर कहते हैं, गर्मी के दिनों में डिहाइड्रेशन की समस्या काफी आम है, यह रेड बल्ड सेल्स कॉन्संट्रेशन (हेमटोक्रिट) का कारण हो सकती है, जिसके परिणामस्वरूप लाल रक्त कोशिकाएं और प्लेटलेट्स एकत्रित होने लग जाते हैं, जो रक्त के थक्कों का कारण बन सकती है। रक्त के थक्के संभावित रूप से स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा देते हैं, जिसे जानलेवा समस्या माना जाता है।
इसके अलावा गर्मी के दिनों में सेरेब्रल वेनस साइनस थ्रॉम्बोसिस का जोखिम भी बढ़ जाता है जो स्ट्रोक के समान ही खतरनाक मानी जाती है। इस स्थिति में क्लॉटेड नसों में सूजन हो जाती है, जो घातक साबित हो सकती है।
बचाव के उपाय करते रहना बहुत आवश्यक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, गर्मी के दिनों में इस तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव किया जाना चाहिए। बस इसके लिए आपको एक बात का ध्यान रखना सबसे आवश्यक है कि शरीर में पानी की कमी न होने पाए। प्रतिदिन 2-3 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। इसके अलावा गर्मी से शरीर को सुरक्षित रखने पर भी विशेष ध्यान देते रहें।
- अपनी त्वचा को धूप से बचाएं, दिन के समय घर से बाहर न निकलें।
- हीटस्ट्रोक से बचाव के उपायों का पालन करें।
- हल्के रंग के और सूती कपड़े पहनें।
- हल्का भोजन करें।
- तरल पदार्थों का सेवन अधिक मात्रा में करें
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।