जून का यह मौसम देश में भीषण गर्मी के प्रकोप वाला माना जाता है। लगातार बढ़ते पारा और लू के इस मौसम को सेहत के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है, इसको लेकर बरती गई लापरवाही आपको कई तरह की बीमारियों का शिकार बना सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों से गर्मी से बचाव वाले उपाय करते रहने की अपील करते हैं।
Health Tips: तेज गर्मी के कारण इन बीमारियों का बढ़ जाता है जोखिम, जानिए बचाव के उपाय
फूड पॉइजनिंग की दिक्कत
गर्मी की सबसे आम बीमारियों में से एक है- फूड पॉइजनिंग। दूषित भोजन या पानी के सेवन के कारण होने वाली यह समस्या आपको गंभीर रूप से बीमार कर सकती है। गर्मी के दिनों में बढ़े तापमान के कारण भोजन पर बैक्टीरिया, वायरस, विषाक्त पदार्थ तेजी से पनपने लगते हैं जो शरीर में प्रवेश करने के बाद पेट दर्द, मतली, दस्त या उल्टी जैसी समस्याओं का कारण बनते हैं।
इससे बचाव के लिए बासी भोजन, या ऐसे किसी भी चीज को खाने से बचें जो पुरानी हो या फिर जिसमें अस्वच्छता का जरा भी संदेह हो।
डिहाइड्रेशन की समस्या
डिहाइड्रेशन यानी की शरीर में पानी की कमी होना एक आम समस्या है, हालांकि अगर इसपर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो इसके कारण कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम हो सकता है। गर्मियों के दौरान हम पसीने के रूप में शरीर से बहुत सारा पानी खो देते हैं, इसी अनुपात में अगर पानी न पिया जाए तो शरीर में इसकी कमी हो सकता है। इससे कमजोरी, थकान, रक्तचाप की समस्या, बुखार जैसी दिक्कतें हो जाती हैं।
पीलिया की समस्या
पीलिया भी एक गंभीर बीमारी है जिससे आपको गर्मी के महीनों में सावधान रहने की जरूरत है। यह दूषित भोजन या पानी का सेवन करने से हो सकती है। पीलिया की स्थिति में लिवर का सामान्य कामकाज भी प्रभावित हो जाता है। इस स्थिति में त्वचा-आंखों में पीलापन, पेशाब के रंग में पीलापन की दिक्कत होने लगती है। पीलिया से बचाव के लिए लिवर को स्वस्थ रखने वाली चीजों के सेवन पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
आंखों की समस्या
सूरज की तेज किरण और बढ़ती गर्मी के कारण आंखों से संबंधित समस्याओं का होना काफी सामान्य है। इस मौसम में लोगों को आंखों में एलर्जी, लालिमा, जलन और चुभन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। गर्मी के दिनों में आंखों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए धूप से बचाने वाले चश्मों को प्रयोग में लाने और आंखों की साफ-सफाई और उन्हें आराम देने पर ध्यान देना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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