{"_id":"6a03f87eca0f05160801b475","slug":"summer-baby-care-tips-cooler-air-side-effects-for-kids-2026-05-13","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Summer Baby Care: बच्चे को कूलर के ठीक सामने सुलाते हैं? जानें ये कितना सही है","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
Summer Baby Care: बच्चे को कूलर के ठीक सामने सुलाते हैं? जानें ये कितना सही है
Wed, 13 May 2026 09:48 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Wed, 13 May 2026 09:48 AM IST
सार
Summer Baby Care: गर्मी के मौसम में हर घर में कूलर चलना शुरू हो जाते हैं। पर, क्या आप जानते हैं कि कूलर के ठीक सामने बच्चे को सुलाना सही नहीं माना जाता। आइए आपको उसके नुकसान बताते हैं।
विज्ञापन
बच्चे को कूलर के ठीक सामने सुलाना कितना सही?
- फोटो : AI
Summer Baby Care: गर्मियों के मौसम में तेज गर्मी से बचाने के लिए माता-पिता अक्सर बच्चों को कूलर के ठीक सामने सुला देते हैं, ताकि उन्हें ठंडक मिल सके और अच्छी नींद आए। लेकिन कई बार राहत देने वाला यही तरीका बच्चों की सेहत पर भारी पड़ सकता है।
बच्चे को कूलर के ठीक सामने सुलाना कितना सही?
- फोटो : Amar Ujala AI
बच्चे को कूलर के ठीक सामने सुलाना कितना सही?
गर्मियों में कूलर राहत जरूर देता है, लेकिन छोटे बच्चों को सीधे कूलर के सामने सुलाना पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जाता। बच्चों की बॉडी बहुत संवेदनशील होती है और तेज ठंडी हवा उनके शरीर पर जल्दी असर डाल सकती है। अगर सावधानी न बरती जाए तो कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
गर्मियों में कूलर राहत जरूर देता है, लेकिन छोटे बच्चों को सीधे कूलर के सामने सुलाना पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जाता। बच्चों की बॉडी बहुत संवेदनशील होती है और तेज ठंडी हवा उनके शरीर पर जल्दी असर डाल सकती है। अगर सावधानी न बरती जाए तो कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
बच्चे को कूलर के ठीक सामने सुलाना कितना सही?
- फोटो : Adobe Stock
बॉडी टेम्परेचर पर असर
छोटे बच्चों का शरीर तापमान को उतनी तेजी से कंट्रोल नहीं कर पाता जितना बड़ों का। कूलर की लगातार ठंडी हवा लगने से बच्चे का बॉडी टेम्परेचर अचानक कम हो सकता है। इससे बच्चे को बेचैनी, ठंड लगना या हल्का बुखार भी हो सकता है।
छोटे बच्चों का शरीर तापमान को उतनी तेजी से कंट्रोल नहीं कर पाता जितना बड़ों का। कूलर की लगातार ठंडी हवा लगने से बच्चे का बॉडी टेम्परेचर अचानक कम हो सकता है। इससे बच्चे को बेचैनी, ठंड लगना या हल्का बुखार भी हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बच्चे को कूलर के ठीक सामने सुलाना कितना सही?
- फोटो : Adobe stock
सर्दी-जुकाम का खतरा
कूलर की सीधी हवा लंबे समय तक लगने से नाक बंद होना, गले में खराश और खांसी जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं। खासकर रात में लगातार ठंडी हवा लगने पर बच्चों की इम्यूनिटी प्रभावित हो सकती है, जिससे वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
कूलर की सीधी हवा लंबे समय तक लगने से नाक बंद होना, गले में खराश और खांसी जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं। खासकर रात में लगातार ठंडी हवा लगने पर बच्चों की इम्यूनिटी प्रभावित हो सकती है, जिससे वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
विज्ञापन
बच्चे को कूलर के ठीक सामने सुलाना कितना सही?
- फोटो : Adobe stock
बैक्टीरिया और एलर्जी की समस्या
अगर कूलर की टंकी और फिल्टर की नियमित सफाई नहीं होती, तो उसमें बैक्टीरिया, फंगस और धूल जमा हो जाती है। यही गंदी हवा बच्चे तक पहुंचकर एलर्जी, छींक, आंखों में जलन और स्किन रैशेज जैसी दिक्कतें पैदा कर सकती है।
अगर कूलर की टंकी और फिल्टर की नियमित सफाई नहीं होती, तो उसमें बैक्टीरिया, फंगस और धूल जमा हो जाती है। यही गंदी हवा बच्चे तक पहुंचकर एलर्जी, छींक, आंखों में जलन और स्किन रैशेज जैसी दिक्कतें पैदा कर सकती है।