मेडिकल साइंस, समय के साथ किस तरह से प्रगति कर रहा है, इसका हालिया उदाहरण अमेरिकी डॉक्टरों की टीम ने पेश किया है। यहां 34 सप्ताह 2 दिन के गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क की सफल सर्जरी की गई है। जन्म के बाद बच्चे को हार्ट फेलियर और ब्रेन इंजरी के जोखिम से बचाने के लिए यह सर्जरी आवश्यक थी, जिसे डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गर्भस्थ में 'वेनस ऑफ गैलेन मेलफॉर्मेशन (वीओजीएम)' नामक समस्या का पता चला था, अगर इसकी सर्जरी न की जाती तो जन्म के बाद बच्चे में ब्रेन इंजरी का खतरा हो सकता था।
बड़ी कामयाबी: पहली बार गर्भ में ही शिशु की सफल ब्रेन सर्जरी, बच्चा अब पूरी तरह ठीक, हार्ट-ब्रेन सब दुरुस्त
गर्भस्थ शिशु की सफल ब्रेन सर्जरी
सर्जरी की रिपोर्ट जर्नल स्ट्रोक में प्रकाशित हुई है। अमेरिका स्थित बोस्टन चिल्ड्रन हॉस्पिटल में सेरेब्रोवास्कुलर सर्जरी एंड इंटरवेंशन सेंटर के निदेशक और इस सर्जरी के अध्ययनकर्ता डॉ डैरेन बी. ओरबैक बताते हैं-
''यह अपने आप में पहला ऐसा केस है जिसमें अजन्मे शिशु की ब्रेन सर्जरी की गई है। गैलेन मेलफॉर्मेशन के कारण होने वाली नसों की समस्या को ठीक करने के लिए हमने अल्ट्रासाउंड द्वारा निर्देशित ट्रांसयूटराइन एम्बोलिज़ेशन का उपयोग सर्जरी के लिए किया है। हम यह देखकर रोमांचित थे कि बच्ची के जन्म के बाद उसमें यह समस्या ठीक हो गई है। वह अब स्वस्थ है।''
हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में रेडियोलॉजी के प्रोफेसर ऑर्बैक कहते हैं, जन्म के छह सप्ताह बाद शिशु में अच्छी प्रगति देखी जा रही है, बिना किसी दवा के वह सामान्य स्तनपान पर है, वजन बढ़ा रहा है, जल्द ही वह घर जा सकती है। यह साबित करता है कि अब शिशु का मस्तिष्क अब पूरी तरह से स्वस्थ है, बच्ची सामान्य जीवन जी सकती है।
जन्म के बाद नियमित रूप से किए गए इकोकार्डियोग्राफी में पाया गया है कि बच्ची की कार्डियक आउटपुट भी सामान्य है। न्यूरोलॉजिकल रिपोर्ट्स भी बेहतर हैं। ब्रेन एमआरआई में कोई स्ट्रोक, द्रव के निर्माण या रक्तस्राव जैसी दिक्कतें नहीं देखी गई हैं।
'वेनस ऑफ गैलेन मेलफॉर्मेशन क्या दिक्कत है?
वेनस ऑफ गैलेन मेलफॉर्मेशन (वीओजीएम) जन्मजात होने वाली मस्तिष्क विकृति की समस्या है, 60,000 में से किसी एक शिशु को यह दिक्कत हो सकती है। गर्भावस्था के दौरान होने वाले अल्ट्रासाउंड में इस समस्या का पता चलता है। गर्भावस्था के दूसरे या तीसरे तिमाही की एमआरआई में यह समस्या स्पष्ट हो पाती है।
डॉक्टर्स की टीम के मुताबिक गर्भावस्था के तेरहवें सप्ताह में इस बच्ची में पता चला कि इसके मस्तिष्क में कुछ जटिलताएं हैं और दिल का आकार भी बड़ा है।
गैलेन मालफॉर्मेशन असल में मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं में असामान्यता की समस्या है। वीओजीएम में मस्तिष्क से हृदय तक रक्त ले जाने वाली रक्त वाहिकाएं सही ढंग से विकसित नहीं हो पाती हैं। मस्तिष्क की विकृत धमनियां कोशिकाओं से जुड़ने के बजाय सीधे नसों से जुड़ जाती हैं, जो रक्त प्रवाह को धीमा कर देती हैं, इससे धमनियों में रक्त प्रवाह का प्रेशर बढ़ने लगता है। रक्त के इस तरह के दबाव के कारण कंजेस्टिव हार्ट फेलियर भी हो सकता है।
किन शिशुओं में हो सकती है ये दिक्कत?
वीओजीएम की समस्या, गर्भावस्था के दौरान बच्चों के हो रहे विकास के में समय होती है, आमतौर पर पहली तिमाही के दौरान। ये दिक्कत क्यों होती हैं, यह तो स्पष्ट नहीं है लेकिन शोधकर्ताओं का मानना है कि इसके लिए कुछ अनुवांशिक कारक जिम्मेदार हो सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान बच्चों की होने वाली इमेजिंग टेस्टिंग में इस तरह की असामान्यताओं का पता चलता है।
जन्मपूर्व अगर इस दिक्कत का पता न चल पाए या फिर सही उपचार न हो, तो इसके कारण जन्म के तुरंत बाद शिशु में ब्रेन इंजरी या हार्ट फेलियर जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
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स्रोत और संदर्भ
Transuterine Ultrasound-Guided Fetal Embolization of Vein of Galen Malformation, Eliminating Postnatal Pathophysiology
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