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टी बैग वाली चाय पीते हैं तो हो जाएं सावधान, सेहत पर मंडरा रहा है बड़ा खतरा

Sat, 12 Oct 2019 12:53 PM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: अपराजिता शुक्ला Updated Sat, 12 Oct 2019 12:53 PM IST
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study says microparticle reach in our body with tea bag
- फोटो : pixa

चाय हर एक व्यक्ति की जरूरत है। दिन की शुरुआत बिना चाय के हो ऐसा हो ही नहीं सकता। जाहिर है घर पर हैं या ऑफिस में चाय रिफ्रेश करने के लिए जरूरी होती है। कई बार देखने में आता है कि लोग चाय के इतने शौकीन होते हैं कि वे अलग-अलग फ्लेवर की चाय पसंद करते हैं।



चाय के शौकीनों की दुनिया इतनी गजब है कि लोग चाय की दीवानगी के चक्कर में विदेशों से लेकर दूर-दराज से चाय मंगवाते हैं। बहरहाल, चाय को लेकर कई तरह के रिसर्च होते रहते हैं, लेकिन हाल ही में हुए एक नई रिसर्च डिप टी यानी की टी बैग् वाली चाय को लेकर हुई है। आइए जानते हैं क्या है वह रिसर्च? 

study says microparticle reach in our body with tea bag
- फोटो : pixa

दरअसल, बहुत से लोगों को टी बैग वाली चाय पसंद होती है। खासकर ऑफिस में फटाफट चाय पीने के  लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल टी बैग वाली चाय का ही होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं एक शोध में इस बात का पता चला है कि टी बैग वाली चाय आपके शरीर को बहुत नुकसान पहुंचा रही है। आइए जानते हैं कैसे शरीर के लिए हानिकारक है टी बैग वाली चाय। 

study says microparticle reach in our body with tea bag
- फोटो : pixa

दरअसल, प्लास्टिक टी बैग वाली चाय प्रोसेस्ड होती है और प्रोसेस्ड फूड वैसे भी नुकसानदायक है। बात चाय की करें तो टी बैग वाली चाय से शरीर के अंदर लाखों प्लास्टिक के कण पहुंच रहें हैं, जो शरीर को नुकसान पहुंचाने के लिए काफी है। शोध बताता है कि दिन में यदि आप टी बैग वाली चाय पी रहे हैं तो यह आपके शरीर में टॉक्सिंस को और बढ़ा रही है। 

 

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study says microparticle reach in our body with tea bag
- फोटो : pixa

इन्वायरमेंटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है कि टी बैग वाली चाय से शरीर को नुकसान पहुंच रहा है। अध्ययन बताता है कि टी बैग में मौजूद प्लास्टिक के सूक्ष्म कण अगर शरीर के अंदर जाते हैं तो यह सेहत के लिए नुकसानदेह है। 

हालांकि अभी इसका ठीक आकलन नहीं हो पाया है। लेकिन इन सूक्ष्म कणों का आकार 100 नैनोमीटर से भी कम होता है। इसको हम ऐसे समझ सकते हैं कि इंसान के एक बाल का व्यास तकरीबन 75 हजार नैनोमीटर होता है।


 

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study says microparticle reach in our body with tea bag
- फोटो : pixa

कनाडा में मैकगिल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पर्यावरण, जल और खाद्य श्रृंखला में मौजूद अति सूक्ष्म कणों का पता लगाया लेकिन अभी यह पता नहीं चला है कि क्या इंसानों के लिए ये हानिकारक होते हैं। शोधकर्ता और उनके सहयोगी जानना चाहते थे कि क्या प्लास्टिक टी बैग पेय पदार्थ में अति सूक्ष्म कण छोड़ते हैं। अपने विश्लेषण के लिए शोधार्थियों ने चार अलग-अलग तरह के टी बैग खरीदे।




 
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