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बर्फ के पानी से नहाना नहीं है लाभकारी, रुक जाता है मांसपेशियों का विकास

Sat, 12 Oct 2019 01:01 PM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: अपराजिता शुक्ला Updated Sat, 12 Oct 2019 01:01 PM IST
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study says ice bath is not as much beneficial for athletes
- फोटो : social media

सामान्य पानी से तो हर कोई नहाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि खिलाड़ियों के नहाने के लिए बर्फ के पानी का इस्तेमाल किया जाता है। इस पानी से नहाने पर उनके शरीर की थकान और दर्द खत्म हो  जाता है और वो जल्दी ही फिर से अभ्यास के लिए तैयार हो जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बर्फ के पानी से नहाने पर मांसपेशियों को आराम मिलता है। लेकिन लंबे समय से चलने वाले इस नियम पर ताजा हुए अध्ययन में पता चला है कि आइस बाथ लेने से शरीर को कुछ नुकसान होता है। आइए जानें क्या कहता है शोध।

study says ice bath is not as much beneficial for athletes
- फोटो : social media
पहुंचता है नुकसान

शोधकर्ताओं का कहना है कि इस बात का दावा कोई नहीं कर सकता है कि बर्फीले पानी में बैठना आरामदायक अनुभव है। सच यही है कि ठंडे पानी की बूंदें सुई की तरह चुभती हैं। इसके बाद भी लोग आइस बाथ लेते हैं, क्योंकि उनका मानना है कि इससे कड़े व्यायाम से थकी मांसपेशियों को आराम मिलता है, मांसपेशियों को होने वाला नुकसान कम होता है और मांसपेशियों के विकास में भी मदद मिलती है। वास्तव में ऐसा नहीं है।

study says ice bath is not as much beneficial for athletes
- फोटो : twitter

युवाओं और एथलीटों पर किए गए अध्ययन में पाया गया है कि वेट लिफ्टिंग के बाद अगर आइस बाथ लिया जाए, तो इससे व्यायाम का असर कम हो जाता है। इससे मांसपेशियों की मरम्मत की दिशा में तो कोई लाभ नहीं होता है, लेकिन उनका विकास जरूर रुक जाता है।

 

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study says ice bath is not as much beneficial for athletes
- फोटो : twitter
बॉयोकेमिकल्स हो जाते हैं असंतुलित

शोधकर्ताओं का कहना है कि मांसपेशियां लंबे फाइबर से निर्मित होती हैं। कसरत के बाद इनका विकास तेजी से होता है। कसरत के बाद बर्फीला पानी पड़ने से फाइबर का विकास रुक जाता है। आइस बाथ से मांसपेशियों में मौजूद बॉयोकेमिकल्स का संतुलन बिगड़ जाता है। ऊतक के विकास के लिए जरूरी प्रोटीन की मात्रा घट जाती है, जबकि उनके टूटने के लिए जिम्मेदार प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती है।

 

 

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study says ice bath is not as much beneficial for athletes
- फोटो : twitter
नहीं हुआ मांसपेशियों का विकास

बर्फीला पानी पड़ने से शरीर की मांसपेशियों पर होने वाले असर का पता लगाने के लिए ऑस्ट्रेलिया स्थित डेकीन यूनिवर्सिटी और विक्टोरिया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने शोध किया। इसके लिए वेट लिफ्टिंग ना करने वाले 16 स्वस्थ युवकों का चयन किया गया। सात हफ्तों तक चले अध्ययन के दौरान उन सभी को हर हफ्ते तीन बार वर्कआउट करना था। वर्कआउट के बाद आधे लोगों ने आइस बाथ लिया जबकि अन्य ने कुछ देर बैठकर अपनी थकान दूर की।

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